
चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फैसला लेते हुए दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार के इस कड़े रुख से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। निलंबित होने वाले अधिकारियों में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इंफोटेक के एमडी जसप्रीत सिंह शामिल हैं।
इन पदों पर तैनात थे अधिकारी
सरकारी आदेश के अनुसार, कमल किशोर यादव उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, जसप्रीत सिंह पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड (PICTCL) के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। इन निलंबनों के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला भी कर दिया है।
क्यों गिरी गाज? आंगनबाड़ी योजना में लापरवाही का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मुख्य वजह आंगनबाड़ी स्टाफ को मोबाइल फोन वितरण से जुड़ी सरकारी योजना में बरती गई कथित लापरवाही है। दरअसल, इस योजना को लेकर एक निजी कंपनी ने अदालत से स्टे (रोक) हासिल कर लिया था। सरकार का मानना है कि अधिकारियों ने अदालत में सरकार का पक्ष सही तरीके से पेश नहीं किया, जिससे कानूनी अड़चन पैदा हुई और योजना बीच में लटक गई। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सरकार का कड़ा संदेश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को दी गई यह सजा अन्य नौकरशाहों के लिए एक संदेश है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कानूनी प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



