
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दूसरे चरण की घोषणा की। यह मेगा ऑपरेशन लगातार 72 घंटों तक चलेगा, जिसमें राज्यभर के सक्रिय गैंगस्टर्स, ड्रग सप्लायर्स और हवाला ऑपरेटर्स पुलिस के रडार पर होंगे। डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में अब अपराध के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ही एकमात्र रास्ता है।
फील्ड में उतरेंगे बड़े अफसर, 24 घंटे होगी नाकेबंदी ऑपरेशन प्रहार-2 की सबसे खास बात यह है कि इस बार पुलिस कमिश्नर, डीआईजी और एसएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी केवल दफ्तरों से निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि खुद फील्ड में गश्त और चेकिंग की कमान संभालेंगे। गैर-जरूरी ड्यूटी से हटाकर भारी संख्या में पुलिस बल को कोर ड्यूटी यानी पेट्रोलिंग और नाकाबंदी में झोंक दिया गया है। राज्य के हर कोने में ‘फुली इक्विप्ड’ नाके लगाए गए हैं, जहां विशेष रूप से दोपहिया वाहनों की सघन तलाशी ली जाएगी।
75 हजार हेरोइन डिलीवरी नेटवर्क का पर्दाफाश पुलिस की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक करीब 75 हजार हेरोइन डिलीवरी नेटवर्क का खुलासा किया जा चुका है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने लगभग 150 किलो हेरोइन जब्त की है और दर्ज हुए 45 हजार मामलों में से तीन हजार बड़े सप्लायर्स व हवाला कारोबारी जेल की सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
रीयल-टाइम एक्शन के लिए वायरलेस नेटवर्क अलर्ट किसी भी आपराधिक वारदात पर तुरंत एक्शन के लिए पंजाब पुलिस ने एक विस्तृत एसओपी (SOP) जारी की है। वायरलेस नेटवर्क को मजबूत किया गया है ताकि हर थाने का ड्यूटी अधिकारी कंट्रोल रूम के साथ 24 घंटे रीयल-टाइम संपर्क में रहे। डीजीपी गौरव यादव ने जनता को भरोसा दिलाया कि पुलिस का मकसद आम नागरिकों की सुरक्षा है, न कि उन्हें डराना। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि गैंग कल्चर और क्राइम को पंजाब की धरती से पूरी तरह खत्म करना ही पुलिस का अंतिम लक्ष्य है।



