पंजाब का ‘आम आदमी क्लीनिक’ बना दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य मॉडल; नैरोबी ग्लोबल समिट में मिली 82 देशों के बीच पहचान
पंजाब के आम आदमी क्लीनिक को नैरोबी ग्लोबल हेल्थ समिट में 82 देशों के बीच सर्वश्रेष्ठ चुना गया। भगवंत मान सरकार ने इसके लिए ₹268 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए आम आदमी क्लीनिक ऐसी पहल हैं जिन्होंने हेल्थ केयर के क्षेत्र में आई असमानता खत्म कर दी है। स्वस्थ पंजाब, सुखी पंजाब, समृद्ध पंजाब के सपने को साकार करने के लिए मान सरकार तत्परता से काम कर रही है। आम आदमी क्लीनिकों से लोगों को बेहद कम कीमत में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। मान सरकार की इस पहल की सराहना देश-विदेश में हो रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री सेहत योजना, पंजाब की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य नीति, अक्टूबर 2025 में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पूरे पंजाब में हर नागरिक को उसके घर से 3-4 किलोमीटर के दायरे में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले। आम आदमी क्लीनिक ने पंजाब में शहर और ग्रामीण क्षेत्र की सीमाओं को मिटा दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में तकरीबन दो करोड़ लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं। बीते 2 साल में आम आदमी क्लीनिकों के सफल संचालन से राज्य में लोगों पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आर्थिक दबाव कम हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य की एक आम आदमी क्लीनिक में रोजाना औसतन 60-70 मरीज इलाज करवाने आ रहे हैं, इनमें बड़ी संख्या में महिला मरीज शामिल हैं। आम आदमी क्लीनिक के माध्यम से पंजाब सरकार ग्रामीण इलाकों में शहरों जैसी सुविधा उपलब्ध करवा रही है। आंकड़ों की मानें, तो प्रतिदिन 70,000 लोग इन क्लीनिकों में मुफ्त में जांच, डॉक्टर परामर्श, इलाज और दवाएं ले चुके हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से पंजाब में तकरीबन तीन करोड़ लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।
बीते 2 साल में आम आदमी क्लीनिकों के सफल संचालन से राज्य में लोगों पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आर्थिक दबाव कम हुआ है। आम आदमी क्लीनिक मॉडल की सफलता अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। नैरोबी में आयोजित ग्लोबल हेल्थ समिट में 82 देशों के बीच इस मॉडल को दुनिया का सबसे सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य मॉडल घोषित किया गया है। 40 से अधिक देशों ने इस मॉडल को अपने यहां लागू करने में रुचि दिखाई है। इन क्लीनिकों के संचालन में कोई कमी ना आए, इसके लिए पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 268 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।



