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अग्निवीरों को बड़ी राहत, 75% जवानों की 2 साल बढ़ेगी सेवा; स्थायी सैनिक बनने का भी मिलेगा मौका

अग्निपथ योजना के राहत भरे नए नियम केवल मौजूदा अग्निवीरों पर ही लागू होंगे। वर्तमान में देश में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं। केवल इन्हें ही बुधवार को घोषित दो साल और सेवा विस्तार के ऐलान का फायदा मिलेगा। मामले की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 31 दिसंबर के बाद तीनों सेनाओं आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में शामिल होने वाले नए रंगरूटों के लिए इस योजना में और बदलाव किए जा सकते हैं। मोदी सरकार से मंजूरी मिलने के बाद संशोधित अग्निपथ योजना को बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने पेश किया था। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'यह संशोधित योजना विशेष रूप से अभी सेवा में मौजूद 3 लाख अग्निवीरों पर लागू होगी। भविष्य के बैचों में इसे लागू करने से पहले इसके प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी।' अग्निवीरों का अगले बैच की ट्रेनिंग अगले साल से शुरू होगी। वे 2031 में अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव करते हुए चार साल के बाद सेवामुक्त होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों की सेवा दो साल बढ़ा दी है। दो साल बाद इन अग्निवीरों को भी स्थायी सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अग्निपथ योजना में बदलाव की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब तीनों सेनाएं अपने पहले बैच के 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद कार्यमुक्त करने वाली थीं। आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। ये पहले बैच में भर्ती हुए 24400 अग्निवीरों का करीब 75 फीसदी हैं। योजना के पुराने प्रावधानों के अनुसार केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को ही मेरिट के आधार पर अगले 15 वर्षों के लिए सेना में रखा जाना था। अब बाकी बचे 75 फीसदी अग्निवीर दो और वर्षों तक सेवा देंगे और उसके बाद उन्हें पक्के सैनिकों के रूप में शामिल कर लिया जाएगा लेकिन उन्हें मानदंडों और नियमों पर खरा उतरना होगा। कच्चे से पक्के सैनिक के तौर पर चयन मेरिट और प्रदर्शन के आधार पर होगा।

योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी
एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि सेना की जरूरतों के हिसाब से इस योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और इसमें सुधार किए जाएंगे। मौजूदा मॉडल को इस चरण के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।

इन अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाकर और उनके लिए सेना में करियर के रास्ते खोलकर सरकार ने प्रभावी रूप से इस विवादास्पद योजना में बदलाव किया है। इसकी घोषणा पहली बार जून 2022 में की गई थी और जिसके तुरंत बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
वरिष्ठता में 25 फीसदी वालों से जूनियर होंगे, पर आने वालों से सीनियर

नई व्यवस्था में अग्निवीरों की वरिष्ठता को लेकर भी प्रावधान किया गया है। चूंकि पहले 25 प्रतिशत अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी होने पर नियमित कैडर में शामिल हो जाएंगे, जबकि बाकी 75 प्रतिशत दो साल की अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित होंगे, इसलिए वरिष्ठता को लेकर सवाल उठे थे। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद नियमित होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों की वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी। उन्हें अपने ही बैच के उन साथियों के तुरंत बाद रखा जाएगा, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में शामिल हुए थे। इस तरह वे अपने बाद के किसी भी बैच के मुकाबले जूनियर नहीं होंगे।

सुब्रमण्यम ने कहा कि अग्निवीरों के चार साल के प्रदर्शन की समीक्षा में उनके स्किल, मोटिवेशन, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी क्षमताओं को देखा गया जिसके बाद सरकार ने उनकी सेवा की शर्तों पर फिर से विचार करने का फैसला किया।

क्या छह साल बाद सभी को पक्की नौकरी मिल जाएगी?
हां, लेकिन मानदंड, प्रदर्शन के आधार पर। CDS के ऐलान के मुताबिक अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। लेकिन चयन मेरिट और प्रदर्शन के आकलन के आधार पर होगा।

2. वेतन और वित्तीय ढांचा क्या होगा?
दो वर्ष के सेवा विस्तार के बाद पहले वर्ष में 43,500 रुपये और दूसरे साल 47,500 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

3. क्या है अग्निपथ योजना?
‘अग्निपथ’ सैनिक भर्ती योजना है। जून 2022 में इसकी शुरुआत की गई। इसके तहत भर्ती सैनिकों को अग्निवीर कहा जाता है।

4. किस विंग में कितने अग्निवीर
थल सेना- 2,70,000

वायुसेना- 27,000

नौसेना- 21,000

5. मूल सेवा अवधि क्या थी?
अग्निवीरों के लिए मूल सेवा अवधि चार वर्ष है। इसमें छह महीने का प्रशिक्षण भी शामिल है।

6. इसमें क्या बदलाव हुआ है?
अभी तक चार वर्ष की सेवा के बाद रिटायर होने वाले 25% अग्निवीर ही स्थायी होते थे, अब 75% अग्निवीरों को भी दो वर्ष का विस्तार मिलेगा। दो साल के बाद उन्हें परमानेंट होने का मौका मिलेगा।

7. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रशिक्षित सैन्य कर्मियों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखना है। इससे सेना, वायुसेना और नौसेना को अनुभवी कर्मियों का लाभ मिलेगा, साथ ही सशस्त्र बलों की युवा संरचना भी बरकरार रहेगी। जनरल सुब्रमणि ने कहा कि योजना में यह बदलाव अग्निवीरों की कार्यकुशलता देखने के बाद लिया गया है। इसकी लगातार समीक्षा की जा रही थी।

8. विस्तारित अवधि के बाद क्या होगा?
दो वर्ष के सेवा विस्तार के बाद स्थायी नौकरी का मौका मिलेगा।

9. चयन के मानदंड क्या हैं?
स्थायी सेवा के लिए दो मानदंड होंगे। पहला अग्निवीर की इच्छा, दूसरा भर्ती के मानदंडों पर खरा उतरना होगा।

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