रायपुर
कभी लंबी दूरी और आवागमन की परेशानी कई ग्रामीण बेटियों की पढ़ाई में बाधा बनती थी। अब वही राह आसान हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना ने बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अचौद की छात्राओं के सपनों को नए पंख दे दिए हैं। इस वर्ष भी योजना के तहत विद्यालय की 32 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं।
शाला प्रबंधन समिति, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिलें सौंपी गईं। यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि ग्रामीण बेटियों की शिक्षा को नई गति देने का संकल्प भी था।
अचौद विद्यालय में खुटेरी, फुंडा, बोरगहन और रजोली जैसे आसपास के गांवों से छात्राएं अध्ययन के लिए आती हैं। पहले लंबी दूरी तय करने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। अब साइकिल मिलने से उनका सफर सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध हो गया है। इसका सकारात्मक असर उनकी नियमित उपस्थिति, समयपालन और पढ़ाई के प्रति बढ़ते उत्साह में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। अब अभिभावकों को बच्चों के आवागमन के लिए अलग से खर्च या साधन जुटाने की चिंता नहीं रहती। इससे वे अपनी बेटियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। विद्यालय में वितरित की गई ये साइकिलें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक हैं। सरस्वती साइकिल योजना यह साबित कर रही है कि जब बेटियों को अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने सपनों की मंजिल तक पहुंचने का रास्ता स्वयं बना लेती हैं।

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