लखनऊ
21 जुलाई को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के धरने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं को भड़काने का काम कर रहा है और उसकी मंशा देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की है।
योगी सरकार में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "नेपाल की घटना के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव के लगातार बयानों को देखिए। विपक्ष लगातार चुनाव हार रहा है, जबकि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को जिता रही है। इसी का फ्रस्ट्रेशन निकल रहा है। देश को इनके असली चेहरे को पहचानना चाहिए। ये लोग भारत विरोधी ताकतों के हाथ का खिलौना बन गए हैं। इनकी मंशा भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की है।"
'सपा प्रमुख अपने गिरेबान में झांकें'
मंत्री राजभर ने कहा कि "सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने गिरेबान में कब झांकेंगे? अपने कुकर्म इन्हें याद नहीं हैं। अगर पुराने समय को भी छोड़ दें तो 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में इनकी सरकार रही। कौन भूल सकता है कि 2014 में प्री मेडिकल टेस्ट परीक्षा शुरू होने से पहले गाजियाबाद में जहां पेपर रखे गए थे, वहां की सील टूट गई थी और परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी?"
'सपा सरकार में पेपर लीक आम बात थी'
अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि "2014 से 2017 के दौरान बोर्ड परीक्षाओं में गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, देवरिया समेत पूरे पूर्वांचल में गणित, फिजिक्स और अंग्रेजी जैसे विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से दो-तीन घंटे पहले ही लीक कर दिए जाते थे। यह एक-दो बार नहीं, बल्कि दर्जनों बार हुआ और पूरा प्रदेश इसे जानता है।"
उन्होंने कहा कि "सपा सरकार में UPPSC के तत्कालीन अध्यक्ष अनिल यादव की नियुक्ति हुई थी। तब 40 हजार से अधिक पदों पर भर्ती में एक जाति और एक धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे। जिसको लेकर 2015 में हाईकोर्ट तक को हस्तक्षेप करना पड़ा और परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। वहीं मार्च 2015 में यूपीपीसीएस की सामान्य ज्ञान परीक्षा का पेपर व्हाट्सएप पर किसने लीक कराया। किसकी सरकार में हुआ?"
'भर्ती घोटालों के लिए भी सपा सरकार जिम्मेदार'
मंत्री ने कहा कि "सपा सरकार में जल निगम में 1342 पदों पर हुई भर्ती में तत्कालीन मंत्री आजम खान पर एफआईआर हुई और भर्ती रद्द करनी पड़ी। उच्च शिक्षा सेवा आयोग के नियमों की अनदेखी के आरोप लगे, कई परीक्षाएं रद्द हुईं। 72,825 शिक्षक भर्ती इसका जीवंत उदाहरण है। बिना अनिवार्य UPTET पास किए एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। आयोग की भर्तियों और पुलिस भर्ती में भी एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे।"
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि जरा अपने गिरेबान में झांकिए। अपने कुकर्म याद कीजिए और आज सड़क पर उतरकर ढोंग करना बंद कीजिए। मंत्री राजभर ने कहा कि विपक्ष विदेशी हाथों मे खेल रहा है। पूरे देश में उपद्रव, दंगा कराना चाहते हैं।
'भाजपा सरकार ने परीक्षा व्यवस्था मजबूत की'
अनिल राजभर ने कहा कि "आज उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, अनिवार्य रूप से STF का हस्तक्षेप सुनिश्चित कराने का काम भाजपा सरकार ने किया है। कहीं किसी तरह से नकल ना हो, इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने का काम हमारी सरकार ने किया। इसलिए ढोंग करने से पहले आपको अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।"

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