UP में Cab Services पर सख्ती: पैनिक बटन, लाइव लोकेशन और 40 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य

 लखनऊ
 प्रदेश में कमर्शियल यात्री वाहनों जैसे ओला, उबर, रेड बस और इन ड्राइव के माध्यम से चलने वाले वाहनों का पंजीकरण अब परिवहन विभाग के पोर्टल पर अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, 12 वर्ष तक के पुराने वाहनों का पंजीकरण किया जा सकेगा।

इन वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगे होंगे, जिससे उनकी नियमित निगरानी संभव होगी। पहले वाहन की आयु आठ वर्ष निर्धारित की गई थी, लेकिन वाहन स्वामियों के विरोध के बाद इसे 12 वर्ष किया गया है। यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी।

लखनऊ में 10,000 से अधिक ओला, उबर, रेड बस और इन ड्राइव जैसे एप के माध्यम से चलने वाले वाहन हैं। उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 के तहत परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हो गया है।

इस रजिस्ट्रेशन के बाद डिजिटल प्लेटफार्म से चलने वाले यात्री वाहनों का वास्तविक लेखा-जोखा उपलब्ध होगा, जिसकी निगरानी परिवहन विभाग करेगा। सभी वाहन समूहों को निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से आवागमन में राहत मिलेगी।

जानें नए नियम
    वाहन बुक कराने पर 10 मिनट में रिपोर्टिंग नहीं की जाती है, तो राइडर संबंधित राइड को रद कर सकता है। इस स्थिति में ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा और राइडर को अगली बुकिंग में इसी राशि की राहत दी जाएगी। यदि राइडर बुकिंग रद करता है, तो किराए का 10 प्रतिशत, अधिकतम 100 रुपये, अगली बुकिंग के किराए के साथ वसूला जाएगा। एप और पोर्टल पर इस कार्रवाई को अपलोड करना अनिवार्य होगा। यात्रियों से न्यूनतम तीन किलोमीटर का किराया लिया जाएगा।

10 मिनट में रिपोर्टिंग न होने पर बुकिंग रद
निर्देश है कि वाहन बुक कराने पर यदि 10 मिनट में रिपोर्टिंग नहीं की जाती तो राइडर संबंधित राइड को रद कर सकता है। ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना भी लगेगा और राइडर को अगली बुकिंग में जुर्माने के बराबर राहत दी जाएगी।

 

↑
Exit mobile version