भरतपुर
भरतपुर जिले के बांध बारेठा अभयारण्य में 2 सप्ताह से डेरा जमाए चीता KP-3 को कूनो वापस भेज दिया है. वन विभाग की टीम KP-3 को सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क लेकर पहुंची. KP-3 के बांध बारेठा क्षेत्र में रुकने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल था. वन विभाग की निगरानी भी लगातार जारी थी. अब उसके सुरक्षित कूनो वापसी से स्थिति सामान्य हो गई है. वन विभाग के साथ कूनो नेशनल पार्क के लिए भी यह राहतभरी खबर है.
15 दिन पहले भरतपुर पहुंचा था चीता
15 दिन पहले मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता भरतपुर पहुंचा था. लगभग 200 किमी का सफर तय कर जिले के बंध बारेठा वन्यजीव अभयारण्य पहुंच गया था. इसके बाद से ही उसकी मॉनिटरिंग की जा रही थी. KP-3 को ट्रैक करते हुए ट्रेंकुलाइज करके कूनो नेशनल पार्क के निर्धारित क्षेत्र में छोड़ा गया है. दोनों टीमों के समन्वय से मिशन सफल रहा.
कूनो के चीतों को भा रहा राजस्थान
दरअसल, कूनो के चीतों को राजस्थान काफी भा रहा है. इससे पहले KP-2 का मूवमेंट भी राजस्थान में रहा. वन विभाग के अनुसार KP-3 नर चीता कूनो से भटककर बारां और झालावाड़ जिले तक पहुंच गया था. वहां से विशेषज्ञ टीम ने इसे ट्रेंकुलाइज कर करीब 800 KM दूर कूनो नेशनल पार्क के कोर एरिया में रिलीज किया था.
दूसरी बार कूनो से पहुंचा KP-3
लेकिन KP-3 दोबारा कूनो से निकलकर भरतपुर जिले की सीमा में आ गया था. करीब 2 सप्ताह तक इसका मूवमेंट रहा. स्थानीय लोगों में दहशत को देखते हुए भरतपुर वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाकर KP-3 को फिर से रेस्क्यू किया.

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