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 पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत: पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रम में सुधार और उपलब्धियां विषय पर कार्यशाला का आयोजन

पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत: जामडोली स्थित पोस्ट ग्रेजुएट वेटरिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च संस्थान में पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रम, सुधार और उपलब्धियां विषय पर कार्यशाला हुई।

मुख्य अतिथि पशुपालन, डेयरी और गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कार्यशाला में कहा कि पशुओं को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। किसान और पशुपालक मजबूत होंगे तो राज्य मजबूत होगा। उनका कहना था कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने में पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्य में सरकारी और निजी संस्थान पशुपालन डिप्लोमा कोर्स देते हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा शिक्षा से जुड़े संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक मानकों को पूरा करना चाहिए, ताकि कुशल और सक्षम मानव संसाधन बनाए जा सकें। वह भौतिक और मानव संसाधन के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में काम कर रहे पशु चिकित्सा अधिकारियों और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल होना चाहिए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

शासन सचिव पशुपालन डॉ. समित शर्मा ने कार्यशाला में कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यवस्थाएं देना हमारा नैतिक कर्तव्य है। हमारे डिप्लोमा संस्थानों को भी आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग करना चाहिए ताकि हमारे विद्यार्थी उच्च स्तर की व्यावसायिक क्षमता के साथ अपने क्षेत्र में सेवा कर सकें। उनका कहना था कि हर संस्थान को शिक्षण के लिए आवश्यक सभी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

पशुपालन निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पशु चिकित्सा शिक्षा में सुधार करना है। सभा में वरिष्ठ अधिकारियों में उप शासन सचिव श्रीमती संतोष करोल, पशुपालन निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, राजुवास के प्रतिकुलपति डॉ. हेमन्त दाधीच और संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. धर्म सिंह मीना शामिल थे।

प्रदेश के सभी ए. एच. डी. पी. संस्थानों (सरकारी और निजी) के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में पावर प्वाइंट के माध्यम से अपनी वर्तमान स्थिति और उपलब्धियों पर चर्चा की। कार्यशाला में संस्थानों को और बेहतर बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जैसे विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरा प्रणालियों के एकीकरण और संस्थागत वेबसाइट के लिए URL के प्रावधान।

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