यमुना नगर.
वन विभाग के कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से गाड़ी चढ़ाने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। दो दोषी गांव खिल्लावाला निवासी कामिल और जट्टावाला निवासी दाऊद को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। षियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इसके अलावा अदालत ने इंडियन फारेस्ट एक्ट और वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत भी दो अन्य दोषी गांव खिल्लावाला निवासी मुंशी और सद्दाम को एक वर्ष की सजा सुनाई है। फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दानिश गुप्ता की अदालत ने सुनाया। प्रतापनगर थाना पुलिस ने 26 अगस्त 2019 को वन क्षेत्राधिकारी कलेसर कुलदीप सिंह की शिकायत पर हत्या के प्रयास, इंडियन फारेस्ट एक्ट, वाइल्डलाइफ एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
शिकायत में बताया था कि कुछ दिन पहले आमवाला और ताजेवाला बीट से खैर की लकड़ी चोरी हुई थी। 25 अगस्त की रात सूचना मिली कि चोरी की लकड़ी सद्दाम और मुंशी के घर में छिपाई है और कलीम व दाऊद उसे बेचने के लिए ले जाने वाले हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित कर नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान जब आरोपितों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने वन विभाग की टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। गाड़ी खेत में फंस गई। गाड़ी से खैर की लकड़ी बरामद की थी। आरोपितों ने कई बार टक्कर मारकर सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया था।

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