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मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट? इजरायली हमले में ईरान के रक्षा मंत्री और IRGC कमांडर के मारे जाने का दावा

इजरायल के ईरान पर ताजा हमलों में रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपोर के मारे जाने की अपुष्ट खबरें। मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार।

तेहरान : इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए ताजा सैन्य हमलों के बीच ईरान के रक्षा मंत्री Amir Nasirzadeh और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर Mohammad Pakpour के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इजरायली सैन्य कार्रवाइयों से परिचित दो सूत्रों और एक क्षेत्रीय स्रोत के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, ईरान सरकार की ओर से अब तक इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

‘पूर्व-निवारक’ हमलों का दावा
The Times of Israel की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले आज सुबह ईरान में कई रणनीतिक ठिकानों पर किए गए। इजरायली अधिकारियों का प्रारंभिक आकलन है कि IRGC प्रमुख, रक्षा मंत्री और खुफिया तंत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हमलों की चपेट में आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian समेत कई शीर्ष पदाधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, हालांकि उनके संबंध में हमलों के परिणाम स्पष्ट नहीं हैं।

2025 में संभाली थी IRGC की कमान
Islamic Revolutionary Guard Corps ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य और सुरक्षा इकाई मानी जाती है, जो सीधे सर्वोच्च नेता के अधीन कार्य करती है। जनरल मोहम्मद पाकपोर ने जून 2025 के संघर्ष में अपने पूर्ववर्ती Hossein Salami की मौत के बाद कमान संभाली थी। वहीं, अमीर नसीरजादेह रक्षा मंत्री के रूप में ईरान की सैन्य नीतियों और हथियार विकास कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभा रहे थे। यदि इन मौतों की पुष्टि होती है, तो इसे ईरान की सैन्य संरचना के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
ईरान की ओर से फिलहाल इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि पहले हमले बंद होने चाहिए, तभी किसी संभावित वार्ता पर विचार किया जा सकता है।

हमलों के बाद इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने की खबर है और कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। ईरान ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और जवाबी कार्रवाई की तैयारी के संकेत दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत की पुष्टि होती है, तो यह जून 2025 के 12-दिवसीय संघर्ष के बाद की सबसे बड़ी घटना साबित हो सकती है। इससे मध्य-पूर्व में व्यापक संघर्ष और प्रॉक्सी समूहों की सक्रियता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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