पटना
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि जमाबंदी में सुधार के लिए चल रहे अभियान की जवाबदेही अंचलाधिकारियाें की होगी। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने अंचलाधिकारियों से कहा कि जमाबंदी में किसी भी तरह के सुधार के लिए वे आवेदन की प्रतीक्षा न करें। स्वयं देखें कि क्या गड़बड़ी है। उसमें अपनी पहल पर सुधार करें। बैठक में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण के अंचल अधिकारियों के कार्यों की हुई समीक्षा की गई।
सचिव ने कहा कि जिन मामलों को जमाबंदी में त्रुटि के कारण पूर्व में रिजेक्ट किया गया है, उनमें आवश्यक सुधार के बाद निष्पादन की जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों की है। राजस्व महाअभियान के 99 प्रतिशत आवेदनों को रिजेक्ट कर देने के कारण सारण जिले के परसा, अमनौर एवं दरियापुर के अंचलाधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीओ को कहा गया कि वे मृत रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों में भी अपने स्तर से पहल करें। अंचल में संचालित सभी राजस्व कार्यों की जिम्मेदारी सीओ की है।
मुख्यालय आने की जरूरत नहीं
सचिव ने कहा कि अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन लाभुकों को आवेदन जमा करने के लिए राज्य मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लाभुकों को आवेदन प्रक्रिया के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी व्यक्ति द्वारा लाभुकों को भ्रमित किए जाने या गलत जानकारी देने का मामला सामने आने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विभाग के अधिकारी मोना झा, संयुक्त गिरधारी लाल, डॉ. सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, मणिभूषण किशोर, नवाजिश अख्तर, अनुपम प्रकाश, अविनाश कुमार, जूही कुमारी तथा आनंद शंकर सहित तीनों जिलों के सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे।

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