लखनऊ
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए आदेश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस की जाए। आयोग ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए गए हैं, उनकी कुल लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि बिजली बिलों में समायोजित कर लौटाई जाए।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की है। उस दिन पाॅवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
मामले में बताया गया कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। इसमें सिंगल फेज पर लगभग 3216 रुपये और थ्री फेज पर करीब 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे।
इस संबंध में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में याचिका दाखिल कर इस वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 353357 नए कनेक्शन जारी किए थे, जिनसे यह अतिरिक्त राशि वसूली गई। आयोग के आदेश के बाद परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की ओर से आयोग का आभार जताया।

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