राज्यमध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने IPS मीट में कहा, “पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण”, अच्छे काम करने वालों के लिए ऐलान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ करते हुए कहा कि पुलिस सेवा, समर्पण, अनुशासन और कर्मठता से ही माहौल को अपराध और भय से मुक्त करना संभव है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, पुलिस के सामने हमेशा चुनौतियां होती हैं। प्रदेश की पुलिस चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है, जो खुशी की बात है। 24 घंटे सेवा में रहने वाली पुलिस राज्य और समाज को बचाती है।

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय पुलिस सेवा समागम का शुभारंभ किया। उनका कहना था कि सेवा समागम से अधिकारियों को सुनने, साझा करने और अपने अनुभवों को लागू करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि जिला, संभाग और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पुरस्कृत करें। उन्होंने कहा, “हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। पुलिस सेवा, समर्पण, अनुशासन और कर्मठता से ही माहौल को अपराध और भय से मुक्त करना संभव है। आईपीएस मीट एक समागम नहीं होना चाहिए; इसे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में लिया जाना चाहिए। कर्म साधना का अर्थ है अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करके समाज को भलाई, सेवा, सुरक्षा और सुसंस्कृत बनाना।”

पुलिस आशा का अंतिम संकेत – मुख्यमंत्री मोहन यादव

उनका दावा था कि सरकार पुलिस बल को आधुनिक बनाने में बहुत गंभीर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस की उम्मीद अंतिम होती है। जनता का विश्वास पुलिस को हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से बातचीत करना, मिलकर काम करना और प्रशिक्षण लेना आपकी क्षमता को बेहतर बना सकता है। उन्होंने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर समय तत्पर रहने का आह्वान किया। उनका कहना था कि सरकार नवीनतम तकनीक से पुलिस बलों को लैस करने के लिए लगातार प्रयासरत है। गृह मंत्रालय ने टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में शामिल किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और बम्होरीकलां थाना प्रभारी रश्मि जैन को सम्मानित किया।

DGP ने गिनाईं पुलिस के सामने चुनौतियां

कार्यक्रम को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तैयार रहती है। डीजीपी ने कहा, “हमने नए आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भी मध्य प्रदेश पुलिस को इस मामले में प्रशंसा की है। प्रशिक्षण और पुलिस बल की आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डकैत समस्या को समाज ने मिलकर दूर किया है।

हम भी नक्सल समस्या को दूर करने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। डीजीपी ने पुलिस के सामने बढ़ते चुनौतियों को स्वीकार किया। साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा नियंत्रण और यातायात सुरक्षा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। उनका कहना था कि पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड के खिलाफ अभियान चलाया गया था। अब तक पुलिस ने 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों और व्यक्तियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी है।

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