नारनौल.
जिले के टेल पर स्थित नांगल चौधरी एरिया में पेयजल संकट से निपटने की कवायद तेज हो गई है। इस क्षेत्र के तीन गांवों में जलाशय बनाकर अति जल-अभावग्रस्त 39 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं की पेयजल आवश्यकता पूरी की जाएगी।
इसके साथ ही नांगल चौधरी कस्बे की पेयजल सप्लाई भी लहरौदा की बजाए सीधे इन तीन गांवों के जलाशय से जोड़ दी जाएगी। इससे नांगल चौधरी में भी एक नया जलाशय बनाकर उसको भी बड़ा फायदा होगा। यह कार्य तीन फेज में होगा । जनस्वास्थ्य विभाग ने पहले पैकेज के तहत करीब 72 करोड़ रुपये के टेंडर छोड़ दिए गए हैं । पैकेज दो और तीन के टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव मुसनौता, सिराेही बिहाली और आसरावास में 352 करोड़ रुपये खर्च कर बड़े जलाशय बनाए जाएंगे। इन जलाशयों से आस-पास के जल अभावग्रस्त 39 गांवों की पेयजल सप्लाई सुचारू की जाएगी। विभाग ने यह परियोजना 365 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जल्द निरीक्षण करेंगे मुख्य अभियंता
प्रदेश सरकार इस परियोजना को गंभीरता के साथ ले रही है। इसके तहत जल्द ही जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर नांगल चौधरी एरिया का दौरा कर परियोजना को धरातल पर उतारने को लेकर स्थानीय अधिकारियों के साथ मंथन करेंगे। उनका शुक्रवार को आना प्रस्तावित था, लेकिन पलवल में जाने का कार्यक्रम बनने की वजह से वह नहीं आ पाए। जल्द ही नांगल चौधरी आने का कार्यक्रम बनने जा रहा है। इस परियोजना के तहत हमने प्रथम पैकेज का टेंडर छोड़ दिया है। दूसरे और तीसरे पैकेज के टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही नांगल चौधरी में भी एक नया जलाशय बनाने की योजना है।
नहरी पानी की सप्लाई आसानी से हो सकेगी –
इस जलाशय को नारनौल के पास स्थित लहरौदा जलघर की बजाए नांगल चौधरी के पास बन रहे नए जलघरों से जोड़ा जाएगा। मुसनौता, सिराही बहाली और आसरावास में बनने वाले जलघरों में पानी ट्रीटमेंट की व्यवस्था रहेगी। ये जलाशय नांगल चौधरी के पास होने की वजह से कस्बे में नहरी पानी की सप्लाई आसानी से हो सकेगी।
– एसपी जोशी, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ विभाग

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