महाकुंभ में अमृत स्नान (शाही स्नान) सबसे महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि 14 जनवरी को पहला अमृत स्नान हुआ, और दूसरा मौनी अमावस्या के दिन होगा. अगला बड़ा स्नान कब होगा?
29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान होगा। ऐसे में संगम तट में बहुत अधिक भीड़ होने की संभावना है। हिंदू धर्म के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है। इसी दिन बहुत से लोग पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। 14 जनवरी को महाकुंभ या अमृत स्नान का पहला बड़ा स्नान हुआ था। 29 जनवरी को दूसरा बड़ा स्नान अब होना चाहिए। ऐसे में बड़ा स्नान कब होगा? इससे पहले, मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त जानें..।
मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान कब करना चाहिए?
29 जनवरी की सुबह से अमृत स्नान का प्रारंभ होगा। इस दौरान साधु-संत और श्रद्धालु मौन व्रत धारण कर स्नान करेंगे। यह मौनी अमावस्या तिथि है, इसलिए इस दिन दान करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, कपड़े और तिल देना चाहिए। इससे आप कई गुना पुण्य प्राप्त करेंगे। 28 जनवरी की शाम 07.35 बजे मौनी अमावस्या शुरू होगी और 29 जनवरी की शाम 06.05 बजे खत्म होगी। ऐसे में जातक सूर्यास्त तक स्नान और दान कर सकते हैं।
अगला बड़ा स्नान कब होगा?
3 फरवरी, मौनी अमावस्या के बाद अगला अमृत स्नान, या बड़ा स्नान, होगा। यह भी बसंत पंचमी है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 2 फरवरी को सुबह 11.54 बजे शुरू होती है और 3 फरवरी की सुबह 09.36 बजे खत्म होती है। 3 फरवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी, जिस दिन अगला अमृत स्नान भी आयोजित किया जाएगा।
कब स्नान करना शुभ है?
3 फरवरी को सुबह 05.24 बजे से 06.16 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा, फिर दोपहर 02.24 बजे से 03.07 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा। फिर शाम 05.47 बजे से 06.14 बजे तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 08.24 बजे से 09.53 बजे तक रहेगा।
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