चंडीगढ़
हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की।
लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है।
कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है।
इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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