यूपी राइज से उड़ान भरेंगे युवा, नवाचार से बनाएंगे रोजगार
योगी सरकार की पहल युवाओं को दिखा रही है नई राह
-एचआरआईटी में युवाओं ने पेश किए एआई आधारित समाधान
-विजेता टीम को प्रदान किया गया 25 हजार का पुरस्कार
गाजियाबाद
युवाओं के आइडिया को नवाचार और नवाचार को रोजगार व उद्यमिता में बदलने की दिशा में योगी सरकार की पहल युवाओं को नई राह दिखा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को गाजियाबाद स्थित एचआरआईटी यूनिवर्सिटी में आयोजित यूपी राइज कार्यक्रम में युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी सोच और उद्यमशीलता का अनूठा संगम देखने को मिला। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों ने खेती, स्वास्थ्य, पशुपालन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एआई, कंप्यूटर विजन और रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। कार्यक्रम ने युवाओं को अपनी सोच को मंच देने, नए प्रयोग करने और भविष्य में अपने आइडिया को स्टार्टअप व रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
आइडिया से स्टार्टअप तक, युवाओं को मिला मंच
यूपी राइज में विद्यार्थियों ने दिखाया कि तकनीक का इस्तेमाल केवल नए उत्पाद बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज की जमीनी समस्याओं को हल करने के लिए भी किया जा सकता है। फसलों की बीमारियों की पहचान, प्याज की गुणवत्ता की जांच, बुजुर्गों की देखभाल और इलेक्ट्रॉनिक चिप में संभावित खराबी का पता लगाने जैसे नवाचार इसी सोच का उदाहरण बने। विभिन्न चरणों में सफल होने के बाद बुधवार को अंतिम चरण में पहुंची 12 टीमों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न गेम्स और फन एक्टिविटी भी आयोजित की गईं। इनके माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (सीएम युवा उद्यमी योजना), स्टार्टअप योजना सहित युवाओं के कल्याण, स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं को उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना और उन्हें नौकरी तलाशने के साथ अपना उद्यम शुरू करने के लिए भी प्रेरित करना रहा।
प्याज की गुणवत्ता जांचने वाले आइडिया को पहला पुरस्कार
प्रतियोगिता में टीम विजन-एक्स ने प्रथम स्थान हासिल किया। बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्राओं विदिशा गुप्ता, दीपा, अंजली, वंशिका, तनिष्का और सोनिया ने 'ऑनियन ग्रेड' नामक एआई आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। यह प्रणाली प्याज की तस्वीर का विश्लेषण कर उसके आकार, रंग, आकृति, सड़न और क्षति के आधार पर उसे ग्रेड ए, बी, सी या रिजेक्ट श्रेणी में वर्गीकृत करती है। इससे प्याज की गुणवत्ता जांचने में एकरूपता लाने और किसानों व खरीदारों के बीच विवाद कम करने में मदद मिल सकती है।
बुजुर्गों की देखभाल से चिप की निगरानी तक
फर्स्ट रनर अप रही रक्षक टीम ने 'साथ केयर' (कर्तव्य) ऐप पेश किया। बीटेक तृतीय वर्ष के गगन दीप सिंह, आकर्ष श्रीवास्तव, दिवाकर सहाय निम, इशिता बलौदी और रुद्र कुमार के इस प्रोजेक्ट में दवाओं की स्कैनिंग, एक्सपायरी जांच, रिमाइंडर, आपातकालीन अलर्ट और मेडिकल रिपोर्ट समझने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
सेकेंड रनर अप रही एल्गोरिथम आर्किटेक्ट टीम ने ड्रिफ्टगार्ड एआई सॉफ्टवेयर प्रस्तुत किया। जैना सचदेवा, कुशाग्र राणा, मोहम्मद अरसलान खान और मरियम फातिमा की टीम का यह सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रॉनिक चिप और कंपोनेंट्स में असामान्य बदलावों की पहचान कर संभावित खराबी के संकेत देता है।
खेती और आपदा प्रबंधन में भी तकनीक का इस्तेमाल
विद्यार्थियों ने फसलों की बीमारियों की पहचान, ड्रोन तकनीक से खेती में सुधार, पशुओं की समस्याओं के समाधान और एआई आधारित शिक्षा से जुड़े नवाचार भी पेश किए। रिमोट सेंसिंग के जरिए प्राकृतिक आपदाओं की आशंका की पूर्व सूचना देने वाली वेबसाइट और बचाव के उपायों से संबंधित विचार भी सामने आए।
दुर्जोय दत्ता ने साझा किया सफलता का सफर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेस्टसेलिंग पुस्तकों के लेखक दुर्जोय दत्ता ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ लेखन शुरू किया और आगे चलकर इसे व्यवसाय में बदल दिया। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि पहचानने और उसे करियर के अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया। युनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. नवीन राठी ने योगी सरकार की उपलब्धियों और नवाचार को प्रोत्साहन देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जेन-जी के युवाओं में समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान तलाशने की क्षमता है। कुलपति प्रो. डीके शर्मा भी मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और पूनम बंसल शामिल रहीं।

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