देश के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें बड़ी कंपनियों में काम का अनुभव दिलाने के लिए केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम' (PMIS) काफी चर्चा में है. इस योजना का मकसद युवाओं की पढ़ाई और उनके काम के बीच के अंतर को खत्म करना है. अगर आप भी इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो यहां इसकी पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है.
क्या है यह योजना?
यह स्कीम केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित की गई थी. इसके तहत युवाओं को देश की टॉप कंपनियों में 12 महीने (एक साल) की इंटर्नशिप करने का मौका मिलता है. खास बात यह है कि इस दौरान युवाओं को हर महीने आर्थिक मदद भी दी जाती है.
कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों को कुल 5,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे:
4,500 रुपये: सरकार सीधे आपके बैंक खाते (DBT) में भेजेगी.
500 रुपये: वह कंपनी देगी जहां आप इंटर्नशिप करेंगे.
अतिरिक्त लाभ: इंटर्नशिप शुरू करते समय सरकार की ओर से 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता (वन टाइम ग्रांट) भी मिलेगी. साथ ही, बीमा कवर की सुविधा भी दी जाएगी.
कौन कर सकता है आवेदन?
आवेदक का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है.
कम से कम 10वीं, 12वीं पास या ITI, डिप्लोमा और ग्रेजुएशन कर चुके युवा आवेदन कर सकते हैं.
आवेदक फिलहाल किसी फुल-टाइम नौकरी या रेगुलर पढ़ाई में नहीं होना चाहिए. हालांकि, ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग वाले छात्र अप्लाई कर सकते हैं.
किन क्षेत्रों में मिलेगी नौकरी?
यह इंटर्नशिप देश की बड़ी कंपनियों में मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण), फाइनेंस, हॉस्पिटैलिटी (होटल) और एनर्जी जैसे अलग-अलग सेक्टर में उपलब्ध है. नियम के मुताबिक, इंटर्नशिप का कम से कम 50% समय ऑफिस या वर्कप्लेस पर बिताना अनिवार्य है.
कैसे करें अप्लाई?
आवेदन केवल आधिकारिक PMIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लिए जाते हैं.
उम्मीदवारों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपनी प्रोफाइल पूरी करनी होगी.
सिस्टम आपकी योग्यता के आधार पर आपको सही कंपनियों और रोल से जोड़ेगा.

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