गुरुवार को किसानों ने पूरे दिल्ली-एनसीआर को जाम कर दिया। दिल्ली-नोएडा की सीमाओं पर किसानों के हुजूम से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई। इस जाम के दौरान लोगों को ऑफिस लेट पहुंचने में काफी समय लगा। दैनिक काम या खरीददारी से बाहर निकले लोग भी बहुत प्रभावित हुए। नोएडा सेक्टर-18 से दिल्ली जाते समय भी जाम था। मुझे खुशी है कि शुक्रवार को ऐसी कोई स्थिति नहीं है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के निकट पर्थला चौक, परी चौक ग्रेटर नोएडा और चिल्ला बॉर्डर पर टैफिक स्मूथ है।
किसानों और कर्मचारियों को पूरी तरह से ऋण माफ करना चाहिए। पिछले दिल्ली आंदोलन से जुड़ी अन्य मांगें भी पूरी की जाएं। इसमें लखीमपुरी मामले में न्याय के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को कैबिनेट से बर्खास्त करना शामिल है।
➤ समझौतों के अनुसार, घायलों को दस लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए।
• पिछले किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों और कर्मचारियों को मुआवजा देना चाहिए। किसान मोर्चा के शहादत स्मारक को दिल्ली में स्थान मिले।
➤ कृषि क्षेत्र ने वादा किया कि प्रदूषण को कानून से बाहर रखा जाएगा।

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