आज आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राजकोट में बेहद गंभीर मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि, आज सबने गुजरात की भाजपा सरकार की तानाशाही का जीता जागता उदाहरण देख लिया। आज मुझे राजकोट जेल में बंद किसान और किसान नेताओं से मिलने जाना था। लेकिन मुझे उन किसानों से मिलने के लिए नहीं जाने दिया। इससे बड़ी तानाशाही क्या हो सकती है? क्या मैं कोई आतंकवादी हूं? जेल में बंद जो है वह किसान है, हमारे देश के नागरिक हैं वह लोग कोई अपराधी नहीं है। मैंने कल परमिशन मांगी थी लेकिन आज सुबह मुझे मैसेज आया कि “मिलने की इजाजत नहीं है।” जब अंग्रेजों ने भगत सिंह को जेल में भेजा था तब भगत सिंह साथियों को भी जेल में भगत सिंह से मिलने की इजाजत मिलती थी। क्या अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर और अत्याचारी सरकार के लिए ही हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी? गुजरात में 54 लाख किसान परिवार खेती से अपना गुजारा करते हैं। लेकिन गुजरात में आज किसानों का बहुत बुरा हाल है। न बीज मिलता है, खाद के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रहती है, जिससे लड़ाई झगड़े होते हैं।
किसानों को पूरे दाम नहीं मिलते, किसानों के साथ 1500 में डील होती है फिर भी ₹1200 देते हैं, तो इस कडदा प्रथा के खिलाफ जब किसान इकट्ठे हुए तो किसानों के ऊपर भाजपा की अत्याचारी सरकार ने लाठियां बरसाई। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग कर रहे 88 किसानों को गिरफ्तार किया। बेल के दिन भी पुलिस वाले कोर्ट में नहीं पहुंचते, इसका मतलब कि जानबूझकर आप किसानों का मनोबल तोड़ना चाहते हो। 88 में से 42 लोगों को बेल मिली है। कल मैं उन किसान परिवार से मिला जिनके बच्चे जेल में है या फिर जो कुछ लोग छूट कर आये हैं। उनकी कहानी सुनकर आपको रोना आ जाएगा। उन्होंने बताया कि हिरासत में किसानों को पहले 24 घंटे तक पानी नहीं दिया गया था, उनको खाने के लिए कुछ नहीं दिया गया था और पुलिस ने उनकी बहुत पिटाई की थी। बीजेपी आखिर क्या चाहती है? मैं बीजेपी से कहना चाहता हूं कि भगवान से डरो। कल मुझे मिलने आए किसान परिवारो को मैं सलाम करता हूं क्योंकि उन पर बहुत प्रेशर डाला गया था कि “केजरीवाल से मिलने नहीं जाना है” मैं इस बात पर यही कहना चाहूंगा कि एक दिन गुजरात की जनता खड़ी होगी।
गुजरात के किसान लोन लेकर अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए और कोचिंग के लिए अहमदाबाद सूरत जैसी जगह भेजता है और बच्चे जब परीक्षा देने वाले होते हैं, तब उनका पेपर लीक हो जाता है। ऐसे बच्चों को हमने रोते हुए देखा है। तो यह पेपर लीक करने वाले लोग कौन हैं? दरअसल इन्हीं के लोग पेपर लीक करवाते हैं। अब यह बच्चे अपनी आवाज ना उठाएं इस वजह से पूरे गुजरात में ड्रग्स बेची जा रही है। आज गुजरात में गली गली में ड्रग्स मिल रहा है। गुजरात के हर एक परिवार को बर्बाद किया जा रहा है गुजरात की सरकार के द्वारा। लेकिन मुझे लगता है कि अब यह उनके आखिरी दिन है, क्योंकि पूरे गुजरात के लोग इकट्ठा हो रहे हैं। मैंने सुना कि जिन किसानों को और उनके बच्चों को गिरफ्तार कर लिया है, उनके खेतों को पूरे गांव ने मिलकर जोता है। गुजरात में दो चीज खुलेआम बिक रही है , एक ड्रग्स और दूसरी चीज सड़क पर गड्ढे। 30 साल के बाद गुजरात का जो हाल किया है, तो अब ये खत्म करने का वक्त आ गया है।
अब तक लोगों के पास विकल्प नहीं था. क्योंकि कांग्रेस और भाजपा दोनों मिले हुए हैं। कांग्रेस चाहती ही नहीं की बीजेपी की गुजरात से सरकार जाए। लेकिन अब गुजरात के लोगों के पास विकल्प हैं और गुजरात के घर-घर में आम आदमी पार्टी की बात हो रही है। गोपाल इटालिया, इसुदान गढ़वी, राजू करपड़ा, प्रवीण राम, चैतर वसावा, मनोज सोरठिया जैसे बहुत नेताओं की तरफ लोग बहुत ही उम्मीद से देख रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि भाजपा के एक नेता का नाम बता दीजिए, जो गुजरात की जनता को उम्मीद देता हूं। जब हमारे नेता बोलते हैं तो लोग सुनते हैं, भाजपा और कांग्रेस के किसी एक नेता का नाम बता दीजिए जिसको देखकर लोग सोचते हो कि यह गुजरात को ठीक कर देगा। मैं गुजरात के लोगों को कहना चाहता हूं कि आप लोगों को ही गुजरात बचाना है। गुजरात के लोगों को डर निकलना पड़ेगा और सामने आना पड़ेगा। बीजेपी की सरकार FIR FIR का खेल खेल कर लोगों को डराना चाहती है। मैं खुद 6 महीने जेल जाकर आया हूं, हो सकता है आपको भी जेल में डाल दे लेकिन मैं जिम्मेदारी लेता हूं कि जिन-जिन पर झूठी एफआईआर की जाएगी उनके लिए हम लड़ेंगे। और 2 साल के बाद चुनाव है, तो 2 साल के बाद जब सरकार बदलेगी तब 24 घंटे के अंदर सारी झूठी FIR वापस लेंगे। उसके बाद गुजरात के लोगों को तंग करने वाले मंत्रियों को जेल में भेजा जाएगा। मुद्रा पोर्ट से बहुत बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ा गया था, उसके दोषी कौन थे? और जो ड्रग्स पकड़ा नहीं गया, जो निकल गया उसका कोई हिसाब ही नहीं है। गुजरात में जगह-जगह ड्रग्स मिल रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है—क्या यह गुजरात सरकार की मिलीभगत के बिना संभव है? पंजाब में जब हमने सरकार बनाई थी, तब गली-गली में ड्रग्स मिलता था, आज हमारी सरकार में वहां ड्रग्स बेचने वालों के घरों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं और हमारी सरकार ने 25,000 से अधिक ड्रग्स बेचने वालों को गिरफ्तार किया है। हम यह कर सकते हैं क्योंकि हमारी नीयत साफ़ है, तो फिर ऐसा काम गुजरात में क्यों नहीं होता? नकली शराब मिल रही है, और वे लोग भी नहीं पकड़े जा रहे, क्योंकि वे लोग सरकार के साथ मिले हुए हैं।

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