अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने फर्जी अकाउंट्स को रोकने के लिए एंटी-बॉट सॉल्यूशंस सिस्टम लागू किए हैं, जो ट्रैफिक फिल्टर करके असली यात्रियों को आसान टिकट बुकिंग अनुभव देता है।
तत्काल टिकट बुकिंग में दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार ने आधार-आधारित OTP वेरीफिकेशन सिस्टम भी शुरू किया है। ऑनलाइन बुकिंग में यह प्रणाली सिस्टेमेटिक तरीके से लागू की गई है और 4 दिसंबर 2025 तक यह 322 ट्रेनों में सक्रिय थी।
सरकार का दावा है कि इस उपाय से इन ट्रेनों में लगभग 65% मामलों में कन्फर्म तत्काल टिकट की उपलब्धता में सुधार हुआ है।
इसी तरह, रेलवे ने आरक्षण काउंटरों पर भी तत्काल टिकट लेने के लिए OTP व्यवस्था शुरू की है, जो दिसंबर 2025 तक 211 ट्रेनों में लागू हो चुकी थी। मंत्री ने बताया कि संदिग्ध टिकट बुकिंग से जुड़े कई PNRs की पहचान कर उन्हें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट किया गया है।
रेलवे के टिकटिंग और साइबर सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए विभाग कई सुरक्षात्मक स्तरों का उपयोग करता है जिनमें नेटवर्क फायरवॉल, इंट्रूजन प्रिवेंशन सिस्टम, एप्लिकेशन डिलीवरी कंट्रोलर्स और वेब एप्लिकेशन सुरक्षा शामिल हैं।
रेलवे ने जनवरी 2025 से अब तक 3.02 करोड़ संदिग्ध IRCTC अकाउंट बंद कर दिए हैं। इस बात की जानकारी 10 दिसंबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में दी।
यह कदम टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया गया है। धांधली करने वाले लोग बॉट्स और सॉफ्टवेयर से फेक ID बनाकर तत्काल टिकट बुक करते थे और ऊंचे दाम पर बेचते थे। इससे असली पैसेंजर्स को टिकट नहीं मिलता था।

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