सौभाग्य की रक्षा के लिए जरूरी हैं करवा चौथ के ये नियम !

करवा चौथ का दिन प्यार, सम्मान और समर्पण का प्रतीक है!

चंद्रमा के दर्शन से पहले व्रत खोलना व्रत तभी पूर्ण होता है जब चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाए।

यदि चंद्र दर्शन से पहले व्रत खोल दिया जाए तो व्रत का फल प्राप्त नहीं होता।

धारदार वस्तुओं का प्रयोग इस दिन कैंची, सुई, चाकू जैसी धारदार वस्तुओं का प्रयोग वर्जित है।

ऐसा करने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है और इसे अशुभ माना जाता है।

दिन में सोना वर्जित शास्त्रों के अनुसार व्रत के दिन दिन में या दोपहर में सोना नहीं चाहिए।
ऐसा करने से व्रत का फल घटता है।

व्रत के दौरान मन और शरीर को भक्ति और संयम में रखना चाहिए।
किसी का अपमान न करें करवा चौथ का दिन प्यार, सम्मान और समर्पण का प्रतीक है।

इस दिन किसी से झगड़ा, अपशब्द या क्रोध करने से बचना चाहिए।
विशेषकर अपने पति, बड़ों या किसी बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए।

सुहाग की सामग्री का दान इस दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री का दान देना शुभ माना जाता है।
लेकिन अपनी स्वयं की सुहाग सामग्री का दान करना अशुभ होता है, क्योंकि ऐसा करने से सौभाग्य पर आंच आ सकती है।

यदि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से नियमों का पालन किया जाए, तो देवी पार्वती और भगवान शिव की कृपा से अक्षय सौभाग्य और दांपत्य सुख की प्राप्ति होती है।

आचार्य आदित्य झा

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