चंडीगढ़ : पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के बड़े दावों को अब ज़मीनी हकीकत का रूप मिलता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी के पंजाब मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य के करीब 65 लाख परिवारों को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है।
धालीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी सोच के चलते यह योजना पूरी तरह प्रभावी हो चुकी है। खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह योजना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है, क्योंकि अब महंगे इलाज के कारण न तो कर्ज का बोझ उठाना पड़ता है और न ही इलाज के अभाव में जान गंवाने की नौबत आती है।
मजदूर सुलखन सिंह की कहानी बनी मिसाल
योजना की सफलता का उदाहरण देते हुए धालीवाल ने गुरदासपुर जिले के गांव गुरदासनंगल निवासी सुलखन सिंह का जिक्र किया। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सुलखन सिंह को अचानक दिल की गंभीर बीमारी हो गई। डॉक्टरों ने इलाज का खर्च करीब तीन लाख रुपये बताया, जिसे वहन करना परिवार के लिए असंभव था।
लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मात्र एक दिन में उनका हेल्थ कार्ड बन गया। इसके बाद अमृतसर के एक निजी अस्पताल में बिना एक भी रुपया खर्च किए उनका सफल हार्ट ऑपरेशन हुआ और स्टेंट लगाए गए। स्वस्थ होकर घर लौटे सुलखन सिंह का मामला उन सभी आलोचनाओं का जवाब है, जो सरकार की नीतियों को सिर्फ कागज़ी बताते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता
कुलदीप धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार का फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य पर है, क्योंकि इन्हीं क्षेत्रों में निवेश से आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और मजबूत बनेंगी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीब लोग या तो इलाज के खर्च से कर्जदार हो जाते थे या समय पर इलाज न मिलने से जान गंवा देते थे। अब स्वास्थ्य को हर नागरिक का मूल अधिकार बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी मरीज को परेशानी न हो और कोई अस्पताल कार्ड धारकों से अतिरिक्त पैसे न मांगे।
जनता से अपील
धालीवाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना हेल्थ कार्ड बनवाएं और इस कल्याणकारी योजना का लाभ लें। उनके मुताबिक, यह योजना न सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है, बल्कि लाखों परिवारों की ज़िंदगी को नई दिशा दे रही है।

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पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाया, 17.5 लाख से ज़्यादा माता-पिता राज्यव्यापी वर्कशॉप में शामिल हुए, जिसमें तनाव-मुक्त परीक्षा की तैयारी और ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर फोकस किया गया।
मजदूर सुलखन सिंह के लिए संजीवनी बना हेल्थ कार्ड, बिना एक रुपया खर्च किए हुआ 3 लाख रुपए का इलाज: धालीवाल !