बठिंडा (पंजाब): पंजाब की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड में बठिंडा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर दिया है। अदालत ने यह कदम तब उठाया जब आरोपी बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद पेश नहीं हुआ।
अदालत के इस आदेश के बाद अब पुलिस के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण का रास्ता मजबूत होगा।
बठिंडा कैंट थाना प्रभारी (एसएचओ) दलजीत सिंह ढिल्लों ने पुष्टि की कि अदालत का आदेश पुलिस को प्राप्त हो चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार अमृतपाल सिंह मेहरों इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) है और उसके विदेश में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली है।
यूएई में छिपे होने की आशंका, प्रत्यर्पण की तैयारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की आशंका है। पंजाब सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। आरोपी से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और केस विवरण इंटरपोल को भेजे जा चुके हैं। अब आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, ताकि उसे भारत लाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जा सके।
अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा घोषित किए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई के लिए कानूनी आधार मजबूत हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि कूटनीतिक और विधिक प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
सोशल मीडिया सामग्री को लेकर हत्या का आरोप
जांच में सामने आया है कि 9-10 जून 2025 की रात अमृतपाल सिंह मेहरों, जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह ने कथित रूप से कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपियों का दावा था कि कमल कौर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई कुछ सामग्री सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली थी।
हत्या के बाद आरोपी कथित रूप से शव को कार में छोड़कर बठिंडा के भुच्चो मंडी स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पार्किंग में फरार हो गए। 11 जून की शाम को पुलिस ने वाहन से शव बरामद किया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने सोशल मीडिया अभिव्यक्ति, धार्मिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था पर व्यापक बहस छेड़ दी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 6 फरवरी 2026 को रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिस पर अमृतपाल सिंह मेहरों की फरारी में मदद करने का आरोप है। फिलहाल वह तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। जांच में सामने आया है कि रंजीत सिंह ने अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेहरों को पहुंचाने में सहायता की, जहां से वह यूएई भाग गया।
अन्य दो आरोपी जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और न्यायिक हिरासत में हैं।
हालांकि अभी तक अदालत की ओर से अमृतपाल सिंह मेहरों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार की जाएगी।
राज्य और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों ने दोहराया है कि सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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