Delhi Doctors Strike: दिल्ली में जीटीबी अस्पताल के वरिष्ठ और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के दौरान वे केवल आपातकालीन सेवा में कार्य करेंगे।
Delhi GTB Doctors Strike: दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में एक मरीज के तीमारदारों की ओर से चिकित्सकों पर हमला किये जाने के बाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। चिकित्सकों ने अस्पताल में कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की और हमलावर लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि वे केवल आपातकालीन सेवा में काम करेंगे।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने बताया कि मंगलवार सुबह 50 से 70 हथियारधारियों की भीड़ ने अस्पताल परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। आरोपियों ने कर्मचारियों पर भी हमला किया। बच्चे को जन्म देने के बाद सोमवार रात को सर्जरी के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मंगलवार सुबह, मरीज के तीमारदार इससे नाराज हो गए और चिकित्सकों पर हमला कर दिया।
बयान में कहा गया है, ‘‘हम इस अभूतपूर्व हिंसा से बेहद व्यथित हैं। जब तक इस घटना को प्राथमिकता नहीं दी जाती, हम तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं ही चालू रहेंगी।
डॉक्टरों ने कहा
रिटायर्ड डॉक्टरों ने अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की मांग की है। इसके अलावा, अस्पताल के सभी हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। आरोपियों को सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि वे अपनी और मरीजों की सुरक्षा के लिए कोई खतरा बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि हड़ताल सिक्योरिटी बढ़ाने की मांग पूरी होने पर ही खत्म होगी, नहीं तो वह जारी रहेगी।
मृतक महिला के रिश्तेदारों ने क्या कहा?
मृतक महिला के जेठ उस्मान ने बताया कि 7 जुलाई को वह अपने सबसे छोटे भाई जुबैर की पत्नी हिना को जीबीटी अस्पताल लेकर आए थे। हिना ने मंगलवार को बच्ची को जन्म दिया। उन्हें बच्ची के जन्म के ढाई घंटे बाद भी मिलने नहीं दिया गया, इसलिए बच्ची को नर्सरी में शिफ्ट कर दिया गया। हिना मर चुकी थी जब वे उससे मिलने गए। उसकी मौत की बता पर चिकित्सकों ने उनकी बहस हो गई थी, लेकिन उन्होंने अस्पताल में कोई मारपीट या तोड़फोड़ नहीं की।

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