Delhi Zoo News:
दिल्ली का चिड़ियाघर घूमने का आनंद जल्द ही दर्शकों को और भी मिलेगा। राजधानी के चिड़ियाघर को नवीनतम तकनीक से सुसज्जित करने का काम शुरू हो गया है। दर्शक फिर से जगुआर और अन्य जानवरों को नजदीक से देख सकेंगे। क्या आप जानते हैं ये पहल?
Delhi Zoo News: दिल्ली का चिड़ियाघर और भी आधुनिक बना जाएगा, राम त्रिपाठी/नई दिल्ली: आधुनिक तकनीक से चिड़ियाघर को मजबूत बनाने का प्रयास शुरू हो गया है। अब दर्शक घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुआ को चंद इंच की दूरी से देख सकेंगे। कुछ महीने बाद आप बिल्कुल बगल से दहाड़ते हुए जगुआर को देख और सुन सकेंगे।

बिग कैट जगुआर के लिए एक विशिष्ट प्रकार का ग्लास विंग होगा। मोटे ग्लास की दीवार चिड़ियाघर घूमने वालों की तरफ होगी। चिड़ियाघर के वन्यजीवों को अभी बाड़े के बाहर कई मीटर दूर से देखा जा सकता है। नई योजना के तहत आप एक जगुआर के साथ आसानी से चल सकते हैं। छलांग लगाता हुआ जगुआर आपकी तरफ आ सकता है और जोर से दहाड़े। दर्शकों को यह सेल्फी अवसर याद रह सकता है।
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तालाब में नहाते हुए वन्य जीवों को भी दर्शक कुछ इंच दूर से देख सकेंगे। तालाब का पानी पूरी तरह से साफ होगा। यह अभी की तरह खराब नहीं होगा। पानी से बाहर निकलने के बाद ही आप मगरमच्छों को पूरा देख सकते हैं। घड़ियाल साफ पानी में भी होने से दर्शकों को साफ दिखाई देगा।
कितना समय लगेगा NBT को जगुआर चिड़ियाघर की निदेशक आकांक्षा महाजन ने बताया कि योजना के अनुसार तालाब में फिल्टर जल का उपयोग किया जाएगा। दर्शकों के सामने एक मंजिल के नीचे ग्लास का दायरा होगा। तालाब के नीचे की सीढ़ियों पर चढ़कर दर्शक घड़ियाल वगैरह देख सकेंगे। मुंबई चिड़ियाघर अभी इस सुविधा को उपलब्ध कराता है। मैसूर चिड़ियाघर में जगुआर के ग्लास विंग हैं। ग्लास विंग योजना लगभग 75 लाख रुपये खर्च करेगी। यह योजना इस वित्त वर्ष में शुरू होगी।

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