पंजाब में ‘पटवारी कल्चर’ का अंत: ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल से भूमि रिकॉर्ड हुआ पारदर्शी; 30 दिन में खुद होगा इंतकाल, व्हाट्सएप पर मिलेगा अपडेट
पंजाब सरकार का ईजी जमाबंदी पोर्टल भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाया है। डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी, व्हाट्सएप अपडेट और 30 दिन में म्यूटेशन की सुविधा उपलब्ध है।

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ों पर कड़ा प्रहार किया है। जून 2025 में लॉन्च किए गए ‘ईजी जमाबंदी’ (Easy Registry) पोर्टल ने जमीनी रिकॉर्ड हासिल करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बना दिया है। अब राज्य के किसानों और आम जनता को अपनी जमीन की नकल (जमाबंदी) या इंतकाल (म्यूटेशन) के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड की सुविधा इस क्रांतिकारी पहल के तहत पंजाब के 99% गांवों का रिकॉर्ड डिजिटाइज़ किया जा चुका है। नागरिक अब easyjamabandi.punjab.gov.in पर जाकर मुफ्त में जमाबंदी की कॉपी प्राप्त कर सकते हैं। यह कॉपी डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है और इसमें एक क्यूआर (QR) कोड दिया गया है, जिससे इसकी सत्यता की जांच कहीं भी स्कैन करके की जा सकती है।
30 दिनों की सख्त समय सीमा सबसे बड़ा सुधार म्यूटेशन (इंतकाल) की प्रक्रिया में हुआ है। रजिस्ट्री होने के बाद अब 30 दिनों के भीतर म्यूटेशन स्वचालित (Automatic) रूप से हो जाता है। विरासत के मामलों में भी ऑनलाइन अनुरोध के बाद 15 से 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है। खास बात यह है कि आवेदन की प्रगति का हर अपडेट सीधे नागरिक के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भेजा जाता है।



