राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी: अब अनाज के बोरों की जगह मिलेगा ‘कैश’ या ‘डिजिटल वाउचर’, जानिए नया हाई-टेक सिस्टम

राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। अब आपको कोटे की दुकान पर घंटों लाइन में लगने या खराब अनाज की शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी जानकारी सामने आई है। आने वाले समय में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार इस सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, आसान और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।

सबसे अहम बात यह है कि सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों पर ध्यान न दें, जिनमें कहा जा रहा है कि फ्री राशन बंद किया जा रहा है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि मुफ्त राशन योजना जारी रहेगी, लेकिन वितरण के तरीके में विकल्प जोड़े जा सकते हैं।

हर महीने मिल सकती है ₹1000 की नकद मदद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र और कुछ राज्य सरकारें मिलकर एक ऐसी योजना पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत राशन कार्ड धारकों को हर महीने करीब ₹1000 की सीधी नकद सहायता दी जा सकती है। इसका मकसद यह है कि लाभार्थी सिर्फ गेहूं-चावल तक सीमित न रहें, बल्कि दाल, तेल, दूध और दूसरी पौष्टिक चीजें भी खरीद सकें।

दिल्ली जैसे कुछ राज्यों में मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ भी सीधे बैंक खाते में भेजने की तैयारी है, जिसकी राशि करीब ₹853 हो सकती है।

e-RUPI से मिलेगा राशन खरीदने का विकल्प

सरकार अनाज के बदले e-RUPI डिजिटल वाउचर देने के विकल्प पर भी काम कर रही है। चंडीगढ़ जैसे कुछ शहरों में इसका ट्रायल शुरू हो चुका है। इस व्यवस्था में लाभार्थी के मोबाइल पर एक डिजिटल कोड भेजा जाएगा, जिसे दिखाकर वे बाजार से अपनी पसंद का और अच्छी क्वालिटी का राशन खरीद सकेंगे।

इससे कोटेदारों की मनमानी, घटतौली और खराब अनाज की शिकायतों से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

किन लोगों को मिलेगा इस योजना का लाभ?

इस नई व्यवस्था का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले लोगों को मिलेगा—

जरूरी शर्तें

क्या फ्री राशन योजना खत्म हो जाएगी?

नहीं। सरकार ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन जारी रहेगा। जिन इलाकों में राशन दुकानों तक पहुंच मुश्किल है, वहां कैश या e-RUPI का विकल्प दिया जा सकता है। यानी लोगों को यह चुनने की आजादी होगी कि वे सरकारी दुकान से राशन लें या खाते में पैसे प्राप्त करें।

कुल मिलाकर, सरकार का फोकस राशन व्यवस्था को ज्यादा लचीला, पारदर्शी और लाभार्थियों के लिए सुविधाजनक बनाने पर है।

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