चंडीगढ़.
दिल्ली-एनसीआर के 428 करोड़ घरेलू पर्यटन बाजार पर हरियाणा की नजर टिकी हुई है। हरियाणा सरकार प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों और परिसरों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करेगी।
निजी निवेश, तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए इन स्थलों पर बेहतर आवास, खान-पान, मनरंजन, आयोजन और साहसिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार की प्राथमिकता पर्यटन विकास के साथ प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना है।
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम स्वरा राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हरियाणा के पर्यटन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश पर्यटन को निवेश, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और विरासत संरक्षण से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने होटल समूहों, टूर आपरेटरों, स्टार्टअप, तकनीकी कंपनियों और स्थानीय उद्यमियों से पर्यटन क्षेत्र में निवेश और भागीदारी का आह्वान किया।

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