चंडीगढ़
हरियाणा-एनसीआर में सड़कों को बेहतर बनाने की कड़ी में गुरुग्राम से झज्जर तक हाईवे बनाने की योजना पर काम तेज हो गया है। इसके लिए हरियाणा सरकार की ओर से सर्वे करा लिया गया है।
सर्वे में हाईवे निर्माण के लिए तीन विकल्प दिए गए हैं, जिसमें से एक का चयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)की ओर से 15 दिनों के अंदर कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया एनएचएआई की ओर से आरंभ कर दी जाएगी।
हाईवे के लिए किसानों की जमीन अधिगृहित की जाएगी। योजना पर करीब तीन हजार करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। हाईवे बनने से करीब एक लाख से अधिक लोगों को गुरुग्राम से झज्जर आने-जाने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-झज्जर टू लेन रोड पर लगने वाले जाम को देखते हुए हाईवे का निर्माण करने की सिफारिश की थी। झज्जर के बाढ़सा में स्थित एम्स का विस्तार केंद्र नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) होने की वजह से इस रोड पर दूसरे जिलों से लोग आते-जाते हैं। उन्हें जाम में फंसना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई को सुझाव दिया था।
एनएचएआई ने एक एजेंसी को सलाहकार नियुक्त कर सर्वे कराया। चार दिन पहले आई सर्वे रिपोर्ट में एजेंसी ने तीन विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प है कि पहले बनी टू लेन सड़क को चौड़ा कर सिक्स लेन कर सर्विस लेन बना हाईवे बना दिया जाए।
दूसरा विकल्प यह है कि गुरुग्राम के गांव हरसरू से झज्जर तक खेतों के बीच से हाईवे निकाला जाए। इसके लिए 495 एकड़ भूमि की जरूरत पड़ेगी, जिसमें से 400 एकड़ जमीन सरकार की है। यह जमीन प्रदेश सरकार ने पहले से ही अधिगृहित कर रखी है।
इसके अलावा तीसरा विकल्प एजेंसी ने दिया है कि गुरुग्राम-पटौदी रोड से गांव वजीरपुर से खेतों से होते हुए झज्जर तक हाईवे बनाया जाए। इस रूट के लिए करीब 475 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रदेश सरकार को विकल्प नंबर दो ही बेहतर लगा है। देखना होगा कि एनएचएआई की एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी किस विकल्प का चयन करती है।

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