आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीते रोज़ मोगा के किल्ली चहलां में आयोजित विलेज डिफेंस कमिटी (वीडीसी) के शपथ ग्रहण समारोह ने उन पारंपरिक पार्टियों की तकलीफ बढ़ा दी है, जिन्होंने पंजाब की जवानी को ‘चिट्टे’ की आग में झोंका था।पन्नू ने कहा कि जिन लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए नशे को प्रमोट किया, आज उन्हें इस बात की सबसे ज्यादा तकलीफ हो रही है कि पंजाब से नशे का कोढ़ हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है।
मंगलवार को पार्टी दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि 2007 से 2017 और फिर 2017 से 2022 तक पंजाब ने वह काला दौर देखा है जब कोई नशा तस्कर पकड़ा जाता था, तो कुछ ही घंटों में उसकी तस्वीरें उस समय के सत्ताधारी नेताओं के साथ वायरल हो जाती थीं।
उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने पैसे की खातिर पंजाब की जवानी को बर्बाद कर दिया। आज जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पूरी इच्छाशक्ति के साथ नशे के खिलाफ युद्ध लड़ रही है, तो ये विपक्षी नेता बौखलाहट में बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं।
पन्नू ने कहा कि मोगा के किल्ली चाहल में उमड़ी भारी भीड़ विपक्ष की आंखों में खटक रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी खराब सेहत के बावजूद अस्पताल से सीधे रैली में पहुंचे और 1.25 लाख सदस्यों को शपथ दिलाई, जो नशे के खिलाफ जंग के प्रति उनके कमिटमेंट को दिखाता है। जो लोग अफसरों के वहां जाने पर सवाल उठा रहे हैं, वे शायद भूल गए हैं कि नशे के खिलाफ यह जंग सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और जनता की मिली-जुली जंग है।
आप नेता ने कहा कि पंजाब के हर गांव और वार्ड से 8 से 10 जागरूक नागरिकों को मिलाकर लगभग सवा लाख सदस्यों की विलेज डिफेंस कमिटी बनाई गई है। यह कोई कागजी कार्रवाई नहीं है, जैसा कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2018 में किया था। आज हर सदस्य के पास एक विशेष ऐप है, जिसके जरिए नशा बेचने वालों की सीधी जानकारी पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है। अब तक इस ऐप के माध्यम से 1400 से अधिक शिकायतें आई हैं, जिन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह जन-आंदोलन ही विपक्ष की सबसे बड़ी हार है।
विपक्षी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा पर निशाना साधते हुए पन्नू ने सवाल किया कि उस वक्त उनकी कलम क्यों नहीं चली जब गुटका साहिब की झूठी कसम खाकर पंजाब के लोगों को ठगा गया था? आज जब पुलिस, प्रशासन और जनता मिलकर नशे के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो रंधावा साहब केंद्र को चिट्ठियां लिख रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि मान सरकार ने पंजाब से ‘परचा कल्चर’ खत्म किया है और किसी भी बेगुनाह पर गलत कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी, लेकिन नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पन्नू ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये विपक्षी दल चाहते हैं कि पंजाब में नशे से लाशें गिरती रहें ताकि ये उन पर अपनी गंदी राजनीति कर सकें। उन्होंने कहा कि 1.25 वीडीसी सदस्य केवल नशा तस्करों को ही नहीं, बल्कि उन नेताओं को भी जवाब देंगे जो इस अभियान के खिलाफ बोल रहे हैं। जब ये नेता गांवों में जाएंगे, तो पंजाब के लोग इनसे पूछेंगे कि जब हम अपने बच्चों को बचाने के लिए आगे आए हैं, तो आपको तकलीफ क्यों हो रही है? मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक पंजाब पूरी तरह से नशामुक्त नहीं हो जाता।

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