‘बंटेंगे तो कटेंगे’: सीतापुर में CM योगी का बड़ा बयान, बांग्लादेशी हिंदुओं के मुद्दे पर दुनिया की चुप्पी पर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को जनपद के प्रसिद्ध तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज आश्रम पहुंचे। मूर्ति स्थापना दिवस और विशाल भंडारे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने न केवल आध्यात्मिक संदेश दिया, बल्कि समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर भी कड़ा रुख अपनाया।

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को जनपद के प्रसिद्ध तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज आश्रम पहुंचे। मूर्ति स्थापना दिवस और विशाल भंडारे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने न केवल आध्यात्मिक संदेश दिया, बल्कि समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर भी कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए देश की एकजुटता पर जोर दिया।
“सनातन शाश्वत है, दुनिया की सभ्यताएं खत्म हुईं पर हम नहीं”
सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत सनातन धर्म की महिमा से की। उन्होंने कहा कि समय-समय पर दुनिया की कई बड़ी सभ्यताएं नेस्तनाबूद हो गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी अपनी जड़ों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के मंत्र को जिया है और दुनिया के हर सताए हुए व्यक्ति को शरण दी है, लेकिन इसी उदारता का फायदा उठाकर आक्रांताओं ने भारत को लूटा।
बांग्लादेश हिंसा: “हिंदुओं के मानवाधिकार पर चुप क्यों है दुनिया?”
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित समाज के खिलाफ हो रही हिंसा पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“आज बांग्लादेश में हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, उनकी हत्याएं हो रही हैं। जब पीड़ित हिंदू होता है, तो दुनिया के मानवाधिकार संगठन और बड़े राजनीतिक दल चुप्पी साध लेते हैं। कोई उनके पक्ष में आवाज क्यों नहीं उठाता?”
उन्होंने आगे कहा कि केवल कुछ हिंदू संगठन और संत ही इस मुद्दे पर मुखर हैं, जबकि यह मानवता का प्रश्न होना चाहिए।
इतिहास की गलतियों से सीख लेने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी ताकतों ने भारत की समृद्ध अर्थव्यवस्था और बेजोड़ हस्तशिल्प को जानबूझकर नष्ट किया। उन्होंने बताया कि आजादी के समय भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी गिरकर मात्र 2 प्रतिशत रह गई थी, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोबारा पुनर्जीवित किया जा रहा है।
जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटवारे से रहें सावधान
मुख्यमंत्री ने समाज को बांटने वाली ताकतों को चेतावनी देते हुए ‘एकता’ का मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा:
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एकजुटता ही सुरक्षा: “दुश्मन भारत पर नजरें गड़ाए बैठा है। अगर हम जाति, भाषा या क्षेत्र के नाम पर बंटेंगे, तो कटने के रास्ते खुद-ब-खुद खुल जाएंगे। एकजुट रहेंगे, तभी सुरक्षित रहेंगे।”
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समदृष्टि का संदेश: उन्होंने भारतीय परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे समाज में पहला ग्रास गाय को और अंतिम ग्रास कुत्ते को देने की परंपरा है, जो हमारी समावेशी सोच को दर्शाती है।
सनातन ही भारत का आधार
सीएम योगी ने अंत में स्पष्ट किया कि भारत अब एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है और सनातन धर्म ही इस प्रगति का मुख्य आधार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और देश की प्रगति के लिए संगठित रहें।



