चंडीगढ़: पंजाब के अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनके संवैधानिक अधिकारों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने आगामी 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को एक विशेष उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
पंजाब भवन में होगा शिकायतों का निवारण
यह बैठक चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्यरत एससी कर्मचारी संगठनों की उन कठिनाइयों को सुनना है, जो उन्हें पदोन्नति, आरक्षण के लाभ या अन्य संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त करने में आ रही हैं। आयोग के अनुसार, कई संगठनों ने अपनी शिकायतों के माध्यम से अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने का मुद्दा उठाया था।
बैठक के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश
आयोग ने बैठक की सुचारू व्यवस्था के लिए सख्त प्रोटोकॉल जारी किए हैं:
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प्रतिनिधित्व: प्रत्येक मान्यता प्राप्त एससी कर्मचारी संगठन की ओर से केवल दो-दो प्रतिनिधि ही बैठक में शामिल हो सकेंगे।
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पहचान पत्र: प्रतिनिधियों को अपने संगठन का अधिकृत पत्र, विभागीय पहचान पत्र या संबंधित दस्तावेज पंजाब भवन के प्रवेश द्वार पर जमा कराने होंगे।
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एजेंडा: संगठनों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी समस्याओं का लिखित विवरण और संबंधित साक्ष्य साथ लेकर आएं ताकि उन पर त्वरित कार्यवाही की जा सके।
चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी का रुख
आयोग के चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि एससी वर्ग के कर्मचारियों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बैठक के बाद आयोग राज्य सरकार और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है ताकि विसंगतियों को दूर किया जा सके।

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