आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में इंसान अक्सर दो छोरों के बीच झूलता रहता है एक ओर बीता हुआ कल और दूसरी ओर आने वाला कल. लेकिन इस विचार में छिपा संदेश बेहद गहरा और जीवन बदलने वाला है जो बताता है कि जीवन की असली शक्ति सिर्फ वर्तमान क्षण में है.
हम में से कई लोग अपने अतीत की गलतियों, पछतावे और यादों में उलझे रहते हैं. यह अतीत हमें बार-बार पीछे खींचता है और मानसिक शांति छीन लेता है. वहीं दूसरी ओर, भविष्य की चिंता हमें डर, असुरक्षा और बेचैनी से भर देती है. इन दोनों के बीच हम अपना आज खो देते हैं, जबकि असली जीवन तो इसी अभी में बसता है.
अतीत और भविष्य का जाल
जब हम अतीत के बारे में सोचते हैं कि काश मैंने ऐसा किया होता… और जब हम भविष्य के बारे में सोचते हैं तो लगता है अगर ऐसा नहीं हुआ तो …?
तो यह डर और तनाव पैदा करता है. यानी अतीत और भविष्य दोनों ही हमारे मन को अस्थिर करते हैं.
वर्तमान की ताकत
गौतम बुद्ध का यह विचार हमें सिखाता है कि शांति और संतुलन सिर्फ वर्तमान में ही मिल सकता है. जब आप पूरी तरह से वर्तमान क्षण में जीते हैं तो आपका ध्यान भटकता नहीं. काम में गुणवत्ता बढ़ती है.मन शांत और स्थिर रहता है. यही माइंडफुलनेस का मूल सिद्धांत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है.
गौतम बुद्ध के इस विचार को जीवन में कैसे अपनाएं?
इस विचार को अपनाने के लिए आपको बड़े बदलाव की जरूरत नहीं बस इन बातों को फॉलो करें.
1-जो काम कर रहे हैं, उसी पर पूरा ध्यान दें
2-बेवजह की चिंता को पहचानकर छोड़ दें
3- दिन में कुछ मिनट खुद के साथ शांत बैठें

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