ई-सिगरेट रेस्पिरेटरी हेल्थ के लिए बेहद खतरनाक है। नए अध्ययनों से पता चलता है कि ये हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को परमानेंटली नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ई-सिगरेट में निकोटिन, प्रोपलीन ग्लाइकॉल, वनस्पति ग्लिसरीन, फ्लेवरिंग एजेंट और अन्य रसायन होते हैं। ये रसायन फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
- श्वसन संबंधी समस्याएं: ई-सिगरेट का उपयोग करने वाले लोगों में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों में संक्रमण के लक्षण विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
- फेफड़े की सूजन: ई-सिगरेट के वाष्प फेफड़ों की सूजन का कारण बन सकते हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई, खांसी और सीने में दर्द हो सकता है।
- फेफड़ों की बीमारी: ई-सिगरेट के लंबे समय तक उपयोग से फेफड़ों की गंभीर बीमारी हो सकती है, जिसे वैपिंग-संबंधी श्वसन रोग (EVALI) कहा जाता है। EVALI से फेफड़े में क्षति हो सकती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई और मृत्यु भी हो सकती है।
ई-सिगरेट के लॉन्ग टर्म इफेक्ट्स अभी पूरी तरह से ज्ञात नहीं हैं, लेकिन शोध से पता चलता है कि ये धूम्रपान के समान ही हानिकारक हो सकते हैं। ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने के लिए एक सुरक्षित विकल्प नहीं है।
ई-सिगरेट का उपयोग करने से बचना सबसे अच्छा है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो धूम्रपान छोड़ने के लिए डॉक्टर से बात करें। धूम्रपान छोड़ने के लिए कई प्रभावी तरीके उपलब्ध हैं।

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