Raw vs pasteurized milk: स्वास्थ्य के लिए कच्चा दूध बेहतर या हैं पॉश्चराइज, कौन-सा बेहतर?

Raw vs pasteurized milk में से कौन बेहतर है?

Raw vs pasteurized milk: शरीर के ग्रोथ में मदद करने वाले दूध के कई लाभ हैं। दूध पीने से नुकसान उसी कंडीशन में होता है,जब किसी तरह की एलर्जी हो या दूध जरूरत से ज्यादा पिया जाए, तो दूध पीने से नुकसान होता है।

हम सभी बचपन से जानते आ रहे हैं कि दूध बहुत फायदेमंद है। इसे पीने से आपको शक्ति मिलती है। हमारे शरीर के लिए दूध पूरी तरह से पोषक तत्व है। इसमें प्रोटीन और विटामिन से लेकर लगभग सभी पोषक तत्व हैं। ज्यादातर लोगों को दूध पीने का सही तरीका पता नहीं है। बहुत से लोगों का मानना है कि कच्चा दूध स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, लेकिन कुछ लोग दूध को उबालकर पीने की सलाह देते हैं। इसलिए, पॉश्चराइज या कच्चा दूध में से कौन बेहतर है?

दूध पीने के क्या लाभ हैं?

कच्चा दूध पीना सुरक्षित है या नहीं?

हेल्थलाइन कहते हैं कि कच्चा दूध उबले (यानी पॉश्चराइज) दूध से अधिक पौष्टिक है। यह लैक्टोज, अस्थमा, ऑटोइम्यून और एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कच्चे दूध में बहुत अधिक पीएच, पोषक तत्व और पानी मिलता है, इसलिए ये बैक्टीरिया से अधिक तेजी से प्रभावित हो सकते हैं। इसे पीने से कई रोग हो सकते हैं।

पॉश्चराइज्ड दूध का उपयोग

दूध को उबालने से उसके पोषक तत्व बदल जाते हैं। दूध उबालने से प्रोटीन और विटामिन्स कम हो जाते हैं। दूध उबालने से राइबोफ्लेविन कम होता है, हालांकि। प्रोटीन पेट के लिए पचने लायक है। लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोगों के लिए उबला दूध अच्छा है। अर्थात् दूध उबालकर पीने के लाभ और नुकसान दोनों हैं।

दूध कच्चा पीना चाहिए या पॉश्चराइज वाला

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दूध को उबालकर पीना सबसे अच्छा है। दूध को उबालते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसे बहुत देर तक न उबालें क्योंकि इससे उसकी न्यूट्रिशन वैल्यू कम हो जाती है। गर्म दूध एसिडिटी में नहीं पीना चाहिए। इससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। एसिडिटी को ठंडा दूध बहुत राहत देता है। हल्का गुनगुना दूध पिया जा सकता है।

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