“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एलपीयू में ‘वन इंडिया 2025’ नेशनल कल्चरल फेस्टिवल में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, सीएम भगवंत मान भी रहे मौजूद !

अगर भारत को विश्वगुरु बनाना है तो विकसित देशों की तरह हमें भी अच्छी शिक्षा-अच्छा इलाज देना होगा - केजरीवाल !

भारत की तरक्की के लिए नफरती राजनीति और भ्रष्ट सिस्टम को उखाड़ फेंकना बेहद जरूरी है। देशवासी इतना टैक्स देते हैं, तब भी स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और पानी जैसी सेवाएं जीरो हैं। हर तरफ भ्रष्टाचार है। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी देश की तरक्की की अनिवार्य शर्त है। अगर भारत को विश्वगुरु बनाना है तो विकसित देशों की तरह हमें भी सबको अच्छी शिक्षा और अच्छा इलाज देना होगा। सरकारी स्कूल और अस्पताल ठीक हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में करके दिखाया है और अब पंजाब में कर रही है। बुधवार को “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित ‘वन इंडिया 2025’ नेशनल कल्चरल फेस्टिवल के दौरान ये बातें कही। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने छात्रों से कहा कि हमारे देश में विविध संस्कृतियां, भाषाएं, धर्म, पहनावे और परंपराएं हैं, लेकिन फिर भी हम एक राष्ट्र-एक लोग, एक भारत हैं।

अरविंद केजरीवाल ने देश की सांस्कृतिक विविधता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा भारत दुनिया का सबसे खूबसूरत देश है, जहां एक ही राष्ट्र में अनगिनत भाषाएं, संस्कृतियां, धर्म, इतिहास, नृत्य रूप और व्यंजन समाहित हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग दुनिया घूमे होंगे, लेकिन कहीं ऐसा नहीं मिलेगा जहां इतने सारे कल्चर एक साथ सांस लेते हों। असमिया, बंगाली, पंजाबी, हरियाणवी, मलयाली, तमिल, मणिपुरी, त्रिपुरी सहित हर राज्य का अपना अलग रंग है। यहां लगभग 121 भाषाएं और 1200 बोलियां हैं। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी सहित सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के साथ रहते हैं। इतने विविध इतिहास, दर्शन और खान-पान की विविधता कहीं और नहीं मिलेगी। वन नेशन, मेनी लैंग्वेजेस; वन नेशन, मेनी कल्चर्स; वन नेशन, मेनी फूड्स, लेकिन वन नेशन, वन इंडिया, वन हिंदुस्तान। 140 करोड़ लोग सब मिलकर एक भारत हैं। यह विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है, इसे कभी कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने देश की प्राकृतिक और मानवीय संपदा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान ने जब धरती बनाई, तो सबसे सुंदर टुकड़ा भारत को दिया। इसे पहाड़, नदियां, जड़ी-बूटियां, खनिज आदि दिए। सबसे बुद्धिमान और उद्यमशील लोग भी यहीं बनाए। उन्होंने वैश्विक कंपनियों के भारतीय सीईओ का उदाहरण दिया कि गूगल के सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, एडोबी के शांतनु नारायण, आईबीएम के अरविंद कृष्णा, फेडएक्स के राज सुब्रमण्यम सहित दुनिया की कोई मल्टीनेशनल कंपनी उठा लो, टॉप पर कोई न कोई भारतीय मिलेगा। लेकिन इतनी प्रतिभा होने के बावजूद भारत क्यों पिछड़ रहा हैं? 2500 साल पहले नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय था, जहां 10,000 छात्र और 2,000 शिक्षक थे। यानी एक शिक्षक पांच छात्रों के लिए था। चाणक्य जैसे महान विचारक वहां पढ़ाते थे। लेकिन आज विश्व के टॉप 100 विश्वविद्यालयों में मुश्किल से एक-दो आईआईटी भारत की होंगी। भारतीय बाहर जाकर फलते-फूलते हैं, लेकिन घर लौटते ही कुछ गड़बड़ हो जाती है।

अरविंद केजरीवाल ने देश की मौजूदा समस्याओं पर रौशनी डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर ब्रिज गिरते, सड़कें गड्ढों से भरी, कूड़े के ढेर वाली वीडियो देखने को मिलते हैं। हम इतना टैक्स देते हैं, लेकिन सेवाएं शून्य और चारों तरफ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि भगवान ने भारत को सब कुछ अच्छा दिया, लेकिन राजनीति और नेता खराब दे दिए। सिस्टम कबाड़ा हो गया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान, जर्मनी और सिंगापुर की प्रगति का उदाहरण देते हुए कहा कि 1945 में जापान-जर्मनी तबाह हो गए, 1947 में हम आजाद हुए। तब भारत की स्थिति उनसे बेहतर थी। लेकिन आज ये देश भारत को पीछे छोड़ चुके हैं। सिंगापुर भी भारत के बाद 1965 में आजाद हुआ। किसी भी देश की तरक्की के लिए अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का होना जरूरी है। विकसित देशों ने प्रगति की कुंजी शिक्षा और स्वास्थ्य में ढूंढी। बिना अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य के विश्व गुरु बनने का सपना अधूरा है। आजादी के 75 साल हो गए, फिर भी सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खड़ा है। कोई व्यक्ति अपना बच्चा नहीं भेजना चाहता। अस्पतालों में इलाज नाम का कुछ नहीं।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली और पंजाब का अनुभव साझा करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने साबित किया कि हम सरकारी स्कूल और अस्पताल सुधार सकते हैं। दिल्ली में किया, अब पंजाब में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा विकास की अनिवार्य शर्त है। पंजाब में तीन सालों में जो बदलाव आया, वह चिंगारी है। खजाना खाली था, लेकिन रोए नहीं और साम, दाम, दंड, भेद से काम किए। 2022 में 22 फीसद कृषि भूमि सिंचित थी, आज 66 फीसद है; अगले साल मार्च तक 90 फीसद का लक्ष्य है। वर्तमान में करीब 19,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बन रही हैं। इतने बड़े पैमाने पर कभी ऐसा नहीं हुआ। गांवों की टूटी सड़कों को मजबूत कर रहे हैं और पहली बार ठेकेदारों पर पांच साल की गारंटी है। अब पंजाब में एक साल बाद 24 घंटे बिजली मिलेगी, कोई पावरकट नहीं होगा। देश का कोई राज्य ऐसा नहीं है, जहां पावर कट न होता हो।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने रजिस्ट्री जैसे काम ऑटोमेटेड कर दिए। राष्ट्रीय स्तर पर भी स्केल-अप संभव है, बस इच्छाशक्ति चाहिए। 21वीं सदी में उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, जैसे राज्यों में छह-सात घंटे का पावर कट होता है। इंडस्ट्री, कृषि, घर कैसे चलें? देश के पास 4 लाख मेगावाट बिजली क्षमता है, जबकि डिमांड सिर्फ 2 लाख है। लेकिन कुप्रबंधन की वजह से कमी है। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए पांच लाख करोड़ रुपये (एक लाख करोड़ प्रति वर्ष) से हर गांव में प्राइवेट जैसे शानदार स्कूल और अस्पताल खोले जा सकते हैं। देश में मुफ्त शिक्षा और इलाज संभव है, लेकिन जिम्मेदारी जनता की है। क्योंकि मां बिना रोए दूध नहीं पिलाती। नेताओं के गले में फंदा डालो और डिमांड करो, नहीं तो देश में ऐसा ही चलता रहेगा।

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