भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में नए राम मंदिर में हुई है। यह भगवान राम की मूर्ति काफी चर्चा में है। इस मूर्ति को बनाने वाले अरुण योगीराज खुद को धन्य मानते हैं। प्राण प्रतिष् ठा से पहले, उन्हें खुद को दुनिया का सबसे खुशनसीब व्यक्ति बताया गया।
अरुण योगीराज ने कहा कि मैं दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूँ। मेरे परिवार और मेरे पूर्वजों का शुक्रिया। रामलला का मुझ पर सबसे अधिक आशीष है।अरुण योगीराज मैसूर, कर्नाटक में हैं। उनकी पांच पीढ़ियां सिर्फ मूर्तिकारों की थीं। उनके पिता योगीराज और दादा बसवन् ना दोनों प्रसिद्ध चित्रकार थे।
अरुण ने केदारनाथ में भी आदि शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई है। 21 फीट ऊंची मैसूर की हनुमान जी की प्रतिमा ने भी बहुत तारीफ बटोरी है। भारत सरकार और राज्य सरकारों ने अरुण को कई पुरस्कार दिए हैं, लेकिन भगवान राम की इस अद्भुत प्रतिमा ने उन्हें इतिहास में जगह दी है।

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