मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम की राज्य सर्वोच्च समिति की 29वीं बैठक में सामने आई।
- प्रगति डैशबोर्ड में हरियाणा पहले स्थान पर
- सिरसा जिले में ‘ई-समन’ सफलतापूर्वक लागू
हरियाणा ने पिछले 39 महीनों में लगातार 29 बार प्रगति डैशबोर्ड में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जो जून 2021 से राज्य पुलिस बल की निरंतर उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह बात यहां मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सी.सी.टी.एन.एस.) की राज्य सर्वोच्च समिति की 29वीं बैठक में सामने आई।
उल्लेखनीय है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पोर्टल की निगरानी केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन.सी.आर.बी.) द्वारा की जाती है। इसके अलावा, हरियाणा पुलिस ने हरसमय पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जाने वाली नागरिक सेवाओं के लिए आरटीएस डैशबोर्ड पर भी 10/10 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है। हरियाणा पुलिस ने 26 दिसंबर, 2024 तक 64 लाख 57 हजार से अधिक आवेदनों को संसाधित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कर लिया है। इस प्रदर्शन के बल पर हरियाणा पुलिस राज्य के सभी विभागों में सबसे आगे रही है, जहां सरल पोर्टल के माध्यम से सबसे अधिक आवेदन संसाधित किए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि सिरसा जिले में ई-समन को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिसे इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया था। मुख्य सचिव को बताया गया कि राज्य में आगामी 31 जनवरी तक ई-समन पोर्टल चालू कर दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि वांछित व्यक्तियों और बार-बार अपराध करने वालों की रिहाई पर संबंधित एस.एच.ओ. और पुलिस अधीक्षक को ई-प्रिजन से अलर्ट भेजने का प्रावधान किया गया है।
बैठक के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलों के कार्यान्वयन के संबंध में हुई प्रगति की भी सूचना दी गई। उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर, 2024 को एफआईआर (आईआईएफ-1) प्रणाली में और 20 दिसंबर, 2024 को फाइनल फॉर्म (आईआईएफ-5) प्रणाली में ई-साइन सुविधा की शुरूआत की गई है, जिससे पुलिस रिकॉर्ड के दस्तावेजीकरण और प्रसंस्करण में और अधिक दक्षता आने की उम्मीद है।
हरियाणा पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 30 अगस्त, 2024 को 14,872 उपयोगकर्ताओं से बढ़कर 27 दिसंबर, 2024 तक 17,655 उपयोगकर्ता हो गई। परिचालन दक्षता में सुधार के अपने प्रयासों के अनुरूप, राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एस.सी.आर.बी.) ने आईओएस के लिए सी.सी.टी.एन.एस. मोबाइल ऐप विकसित किया है। फील्ड में अधिकारियों के लिए सी.सी.टी.एन.एस.सेवाओं की गतिशीलता और पहुंच को और बढ़ाने के लिए यह ऐप जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हरियाणा पुलिस मोबाइल उपकरणों पर सुरक्षित पहुंच की सुविधा के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वी.पी.एन.) स्थापित करने पर भी काम कर रही है। इसकी स्थापना के लिए हारट्रॉन और एन.आई.सी. की सहायता ली जा रही है।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार नए आपराधिक कानूनों के तहत विधि अधिकारी के पद सृजित करके तथा रिक्त पदों को भरकर अभियोजन विभाग को मजबूत कर रही है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता तथा एस सी.आर.बी., जेल और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Source: http://prharyana.gov.in
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