मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैग रिपोर्ट पर कहा कि ‘खास लोगों के फायदे के लिए लाई गई नई शराब नीति’

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शराब नीति के नाम पर हुए घोटाले ने सरकारी धन लूटा। उनका दावा था कि कैग रिपोर्ट यह साफ करती है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा कि कैग (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट से न केवल दिल्ली को लूटने वाली शराब नीति की सच्चाई सामने आई है, बल्कि यह भी दिखाया गया है कि कैसे व्यक्तिगत लाभ जनहित से अधिक महत्वपूर्ण था।

“पसंदीदा व्यापारियों को लाभ”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई सोशल मीडिया पोस्ट किए। उन्होंने एक और लेख में कहा, “CAG रिपोर्ट के सामने आने से यह साफ हो गया है कि दिल्ली में विगत सरकार द्वारा लागू की गई शराब नीति का एकमात्र उद्देश्य अपने पसंदीदा व्यापारियों को लाभ पहुंचाना था।” पिछली सरकार ने नई शराब नीति केवल अपने निजी लाभ के लिए लागू की, जनता के हितों को नहीं देखते हुए।”

“सरकारी धन की लूट”

साथ ही, उन्होंने कहा, “CAG रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि शराब नीति के नाम पर हुए घोटाले से सरकारी खजाने की लूट हुई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट हो चुका है कि पिछली सरकार जनता के हितों को बचाने में पूरी तरह से असफल रही है।”

“स्वास्थ्य मानकों को अनदेखा करना”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “सरकार का कर्तव्य जनता के स्वास्थ्य की चिंता करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, लेकिन CAG रिपोर्ट के सामने आने से यह स्पष्ट हो चुका है कि गत सरकार ने अपने स्वार्थ के चलते नई शराब नीति लागू करते समय जान-बूझकर स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी की और जनता की जान को खतरे में डाला।””

दिल्ली में सियासी हलचल

कैग रिपोर्ट की घोषणा ने दिल्ली की राजनीति को हिला दिया है। सरकार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल सरकार पर दबाव डाल रहे हैं। सरकार को आगामी विधानसभा सत्र में इन आरोपों का जवाब देना होगा, जहां इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होगी। इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी नीतियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर किया है, ताकि जनता की सुरक्षा और भ्रष्टाचार को नियंत्रित किया जा सके।

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