मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यूपी के सभी जिलों में ज्यादा टैक्स देने वालों के लिए बड़ा फैसला, मिलेगा ये लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सबसे अधिक कर देने वालों के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य कर विभाग की समीक्षा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सबसे अधिक टैक्स देने वालों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाग सबसे अधिक टैक्स देने वालों को सम्मान देगा। ये कार्यक्रम प्रदेश, जोन, मंडल व जनपद स्तर पर आयोजित किए जाएं. राज्य कर विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए तथा पर्याप्त मैनपावर भी सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि GST की कर प्रणाली का पूरा काम ऑनलाइन होने से बहुत सारे डेटा उपलब्ध हैं। राजस्व संग्रह करने के लिए आईटी उपकरणों का उपयोग करके डेटा का विश्लेषण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ज्वाइंट कमिश्नर से लेकर वाणिज्य कर अधिकारी तक के अधिकारियों के कार्यों और संग्रह की समीक्षा की जाए। राजस्व संग्रह में खंडवार आ रही अनियमितता की समीक्षा कर इसे दूर किया जाए. अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी ग्रेडिंग करें और उसी के अनुरूप उनकी पदोन्नति व पोस्टिंग की जाए. GST पंजीकृत व्यापारियों के कल्याण के लिए यूपी सरकार संकल्पित है.

GST रिटर्न देना हर व्यापारी का दायित्व: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुर्घटना में व्यापारी की मृत्यु होने पर प्रदेश सरकार नॉमिनी, उत्तराधिकारी या व्यापारी को ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता देगी। पात्र व्यापारियों/परिजनों को संवेदनशीलता के साथ योजना का लाभ दिलाया जाए.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में GST में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या देश में सर्वाधिक है. 2020–2024 में क्रियाशील पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 17.2 लाख थी, जो 2024–2025 में 19.9 लाख हो गई। पंजीयन आधार को लगातार बढ़ाना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यापारी को GST रिटर्न देना चाहिए। यह सुखद है कि उत्तर प्रदेश देश में रिटर्न दाखिल करने में सबसे पहले है। व्यापारियों को रिटर्न देने की प्रेरणा दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में GST/#VAT संग्रह में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.75 लाख करोड़ राजस्व संग्रह के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में नियोजित प्रयास किए जाएं. उन्होंने अधिकारियों को राजस्व संग्रह अभिवृद्धि के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.

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