भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और जिंदल स्टील एंड पावर (जेएसपी) ने 07 मई, 2024 को जहाज निर्माण में देश के भीतर तैयार की गई सामग्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वदेशी समुद्री वर्गीकृत इस्पात की आपूर्ति के लिए नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये दोनों संस्थाएं इस साझेदारी के माध्यम से स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने व राष्ट्र के हित में इन वस्तुओं के उत्पादन तथा उपयोग की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह समझौता ज्ञापन जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है और साथ ही सरकारी एजेंसियों एवं निजी क्षेत्र के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल देता है। इस समझौता ज्ञापन में भारतीय तटरक्षक हेतु स्वदेशी समुद्री वर्गीकृत इस्पात की समय पर आपूर्ति के उद्देश्य से जहाज निर्माण यार्डों को आश्वासन देते हुए उत्पाद के निर्माण के लिए नामित इस्पात संयंत्रों के साथ-साथ गुणवत्ता, श्रेणी एवं आयाम सहित कई प्रमुख लाभ तय किए गए हैं।
भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उप महानिदेशक (सामग्री एवं रखरखाव) आईजी भारतीय तटरक्षक बल एचके शर्मा और जिंदल स्टील एंड पावर मुख्य विपणन अधिकारी श्री एसके प्रधान ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
source: https://pib.gov.in

बॉम्बे हाईकोर्ट की विजय माल्या को अंतिम चेतावनी: “राहत चाहिए तो भारत लौटना होगा, भगोड़े बनकर नहीं ले सकते कानून का लाभ”
सागर में वैलेंटाइन डे पर शिवसेना का ‘लठ-पूजन’: ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’ के नारों के साथ दी कड़ी चेतावनी
चेक बाउंस मामला: राजपाल यादव को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट बोला- ’25 मौके दिए, कानून सबके लिए बराबर है’