चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में प्रदेश की सड़कों पर तैनात हाईटेक एम्बुलेंस और ‘फरिश्ते योजना’ घायलों के लिए मसीहा साबित हो रही हैं। वर्तमान में ये एम्बुलेंस शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 मिनट के भीतर पहुँच रही हैं, जिसे अब घटाकर मात्र 10 मिनट करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
मातृत्व देखभाल में ऐतिहासिक उपलब्धि पंजाब की एम्बुलेंस सेवा केवल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में भी इसने मिसाल पेश की है। साल 2011 से अब तक प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) की देखरेख में एम्बुलेंस के भीतर 3,617 सफल डिलीवरी कराई गई हैं। यह आँकड़ा दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता को दर्शाता है।
कंट्रोल रूम और ‘108’ हेल्पलाइन का जाल राज्य सरकार ने इस पूरी सेवा को पूरी तरह मुफ़्त रखा है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 108 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कॉल सेंटर सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा है, जो जीपीएस के माध्यम से मरीज के सबसे नज़दीक उपलब्ध अत्याधुनिक एम्बुलेंस को तुरंत रवाना कर देता है।

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