Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का मेला चल रहा है। धार्मिक मत है कि महाकुंभ में स्नान करने से साधक जीवन भर के सभी पापों से छुटकारा पाता है।
Mahakumbh 2025: सनातन धर्म में महाकुंभ बहुत महत्वपूर्ण है। महाकुंभ में अब तक करोड़ों लोग स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ के दौरान संगम नगरी में एक अलग रौनक है। अब महाकुंभ 26 फरवरी, महाशिवरात्रि को समाप्त होगा। इस दिन महाकुंभ का अंतिम स्नान होता है। महाकुंभ हर बार बारह वर्ष बाद होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय देवताओं और राक्षसों के बीच बारह दिनों तक लड़ाई हुई थी कि अमृत पाने के लिए। वहीं, शास्त्रों के अनुसार 12 दिन एक व्यक्ति के बारह वर्षों के समान हैं। इसलिए महाकुंभ हर बार बारह साल बाद होता है। क्या आप महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में स्नान करने से आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं? अगर आप नहीं जानते, तो हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।
मिलते हैं ये फायदे
धार्मिक मत है कि महाशिवरात्रि के शुभ दिन महाकुंभ में स्नान करने से साधक का मन शुद्ध होता है। मरने पर मोक्ष मिलता है। साथ ही जीवन में किए गए सभी पापों से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
महाकुंभ में स्नान करने से साधक को महादेव की कृपा मिलती है। आत्मविकास होता है। मन में नई ऊर्जा आती है। महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ में स्नान करना बहुत फायदेमंद होगा।
2025 में महाशिवरात्रि डेट और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तिथि सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर तिथि का समापन होगा। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत इसी तरह किया जाएगा। महाकुंभ 2025 का समापन इसी दिन होगा।
स्नान किस समय करें?
महाकुंभ में स्नान करने के लिए शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त है। 26 फरवरी को पंचांगानुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से शुरू होगा और 5 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगा। महाशिवरात्रि की तिथि पर स्नान भी किसी भी समय किया जा सकता है।
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