जम्मू-कश्मीर (J&K) के विकास के लिए भारत सरकार ने 14.16 अरब डॉलर (1.18 लाख करोड़ रुपए) का अंतरिम बजट प्रस्तावित किया है, जो कंगाल पाकिस्तान को चौंका देता है। IMF के राहत पैकेज से पाकिस् तान का बजट लगभग पांच गुना है। यह बजट जम् मू-कश् मीर को विकसित करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। 5 फरवरी को पाकिस्तान ने ‘कश्मीर सोलिडेरिटी डे’ मनाया है। इसी दिन जम्मू और कश्मीर के आर्थिक विकास का अंतरिम बजट भारत सरकार ने प्रस्तुत किया।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का बजट कृषि, ग्रामीण विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है। इसमें सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश की घोषणा भी की गई है। पाकिस्तान, जो कंगाली से जूझ रहा है, अब इंटरनेशनल मोनिटरी फंड (IMF) का सहारा ले रहा है, ताकि उसे राहत पैकेज मिल सके। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों को पूरा करने के लिए उसने अपने नागरिकों पर महंगाई का दबाव डाल रखा है। पाकिस्तान इस बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 3 अरब डॉलर का राहत पैकेज मांग रहा है।

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