Pregnant Women’s Effects of Air Pollution: प्रेग्नेंट महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को जहरीली हवा बीमार कर सकती है
Pregnant Women’s Effects of Air Pollution: सर्दियों की शुरुआत होने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में हवा का प्रदूषण बढऩा शुरू हो गया है। अगले कुछ सप्ताह में हवा में और अधिक धुआं हो सकता है। एयर पॉल्यूशन से सभी को नुकसान होता है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं को सबसे अधिक नुकसान होता है। प्रेग्नेंट महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को जहरीली हवा बीमार कर सकती है। आज आप डॉक्टर से जानेंगे कि बढ़ते हुए वायु प्रदूषण से प्रेग्नेंसी में कौन सी समस्याएं हो सकती हैं और इन समस्याओं से बचने के तरीके।
नोएडा के MASSH मानस हॉस्पिटल के गायनेकोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सोनाली त्यागी ने बताया कि हवा के प्रदूषण से प्रेग्नेंट महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं को पॉल्यूशन की चपेट में आने पर ब्लड प्रेशर और यूरिन में प्रोटीन का स्तर बढ़ सकता है। महिलाओं को दौरे की समस्या हो सकती है और ऐसी परिस्थिति में गर्भ में पल रहे बच्चे की जान जा सकती है अगर इस प्रोटीन को नियंत्रित नहीं किया जाए।
डॉक्टर कहते हैं कि पॉल्यूशन गर्भाशय से पहले ही प्लासेंटा को अलग कर सकता है, जिससे महिलाओं को अब्रप्शो प्लासेंटा की समस्या हो सकती है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को ब्लीडिंग होने लगता है, जो जल्द से जल्द होना चाहिए। प्रीमेच्योर डिलीवरी हो सकती है क्योंकि बच्चों के फेफड़े सांस लेने के लिए मजबूत नहीं होते। इससे बच्चे को अस्थमा की बीमारी हो सकती है। प्रेग्नेंट महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत प्रदूषित हवा से बुरी तरह प्रभावित होती है।
प्रेग्नेंट महिलाएं वायु प्रदूषण से कैसे बचें?
एक्सपर्ट ने कहा कि प्रेग्नेंट महिलाओं को दिल्ली-एनसीआर जैसे हाईली पॉल्यूटेड क्षेत्रों में बाहर निकलते समय हवा से बचने के लिए एक्टिव चारकोल फिल्टर वाले मास्क पहनना चाहिए। आप आंखों में परेशानी होने पर ग्लव्स या स्पेसिफिक चश्मा पहन सकते हैं। वायु प्रदूषण से बचने के लिए खुद को कवर करना चाहिए और घर में एयर प्यूरिफायर रखना चाहिए। इसके अलावा, नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करना, स्वस्थ भोजन करना और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी पॉल्यूशन से बचने में मदद कर सकता है।
फिजिकली एक्टिव रहना बहुत फायदेमंद है
डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को हर सुबह आधा घंटे धूप में चलना चाहिए और घास पर चलना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं की इम्यूनिटी मजबूत होती है, साथ ही उनके बच्चे की सेहत भी सुधरती है। फिजिकली एक्टिव न रहने से भावनात्मक बदलाव होते हैं और बीपी बढ़ता है। ऐसे में हर समय एक्टिव रहें और आराम न करें। गर्भवती महिलाओं के लिए स्मोकिंग से दूरी बनाना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्मोकिंग का धुआं भी उनकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। महिलाओं को जहरीली हवा से सांस लेने में परेशानी होने पर अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
प्रेग्नेंट महिलाओं की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं?
डॉक्टर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को आयरन, फोलेट, विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। ये सब भोजन से मिल सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, ककड़ी, टमाटर, बीन्स और चनों में बहुत अधिक आयरन है। फोलेट बहुतायत में मटर, ब्रोकली, स्प्राउट्स, चने और गोभी में पाया जाता है। विटामिन सी से भरपूर भोजन, जैसे नींबू, अंगूर और संतरा, इम्यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं। प्रेग्नेंसी में अनानास और पपीता खाने से बचें। ज्यादा शुगर वाले पेय से बचना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भी आपकी सेहत अच्छी रह सकती है।

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