Punjab Poisonous Liquor: तीन दिन से पंजाब के संगरूर में जहरीली शराब ने मौतों का तांडव मचा रखा है। दिड़बा के गांव गुज्जरां में नौ लोगों की मौत का दर्द कम भी नहीं हुआ था कि गुरुवार से सुनाम की टिब्बी रविदासपुरा बस्ती में भी लोग मरने लगे। यहां तक कि जहरीली शराब ही इसका उत्पाद है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला संगरूर है। यहीं से दो मंत्री हरपाल चीमा और अमन अरोड़ा भी आते हैं। ऐसे में संगरूर का मामला सामने आते ही पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया, लेकिन यह दर्द को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ समिति बनाई है। चार सदस्यीय एसआईटी, जिसमें एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था गुरिंदर ढिल्लों आईपीएस, एसएसपी संगरूर सरताज चहल आईपीएस और अतिरिक्त आयुक्त (आबकारी) नरेश दुबे शामिल हैं, जांच की निगरानी करेंगे।
सिलसिला बुधवार से शुरू हुआ था।
संगरूर के दिड़बा के पास बुधवार को चार लोगों की मौत हो गई थी। मरने वाले दोनों सगे भाई थे। गांव गुज्जरां के लोगों ने बताया कि मंगलवार रात को उनके गांव के भोला सिंह (50), परगट सिंह (42), निर्मल सिंह (42) और जगजीत सिंह (30) ने गांव के ही किसी व्यक्ति से शराब पी थी। जब उनकी हालत सुबह चार बजे बिगड़ी, तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मरने वाले सभी कर्मचारी थे।
गुरुवार को नौ लोगों की मौत हो गई। बाद में पुलिस ने जहरीली शराब बनाने वाले गिरोह का सरगना पकड़ लिया। माना जाता था कि प्रक्रिया थम गई, लेकिन गुरुवार रात को सुनाम की टिब्बी रविदासपुरा बस्ती में मौत ने झपट्टा मारा। बस्ती में सुबह एक के बाद आठ लोगों की मौत हो गई। इसलिए जहरीली शराब बन गई। बस्ती में सिर्फ महिलाओं और बच्चों के रोने की आवाजें आ रही थीं। शनिवार को चार लोगों की मौत की दुखद खबर भी आई।

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