अमेरिका के शिकागो के पास इंडियाना राज्य में रहने वाले पंजाबी लेखक रविंदर सेहरा ने अपनी पत्नी के साथ लुधियाना के शहीद भगत सिंह नगर में अपनी नई पुस्तक, “सुर्ख राहों के हमसफर” और मंजूर एजाज की पुस्तक, “झल्ली दी झल्ल” की पहली प्रतियां देने के लिए पंजाबी लोक विरासत अकादमी के अध्यक्ष प्रो. गुरभजन वह बीती रात भारत आए। अगले महीने रविंदर सेहरा भारत और पाकिस्तान में साहित्यिक सम्मेलनों में भाग लेंगे।
सेहरा ने पंजाब में रहते हुए अपने गांव जलंधर में हरदो फराला के सरपंच और पंजाब विद्यार्थी संघ के नेता भी रहे। अमेरिका में रहते हुए उन्होंने चार दशक से अधिक समय तक वहां की साहित्यिक संस्कृति संस्थाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रो. गिल ने कहा कि रविंदर सेहरा ने अपना सहज संतुलन अपनी पहली काव्य पुस्तक, “चुराए पलों का हिसाब” से लेकर “सुर्ख राहों के हमसफर” तक बनाए रखा, और यही उनकी शक्ति है।

आंगनबाड़ी योजना में लापरवाही पड़ी भारी, पंजाब के दो IAS अधिकारी नपे
गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर श्रद्धा का सैलाब: संत समाज ने की CM मान के प्रबंधों की सराहना, साल भर चलेंगे कार्यक्रम
पंजाब के 65 लाख परिवारों को ₹10 लाख का सुरक्षा कवच, कुलदीप धालीवाल ने गिनाईं योजना की सफलताएं
पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाया, 17.5 लाख से ज़्यादा माता-पिता राज्यव्यापी वर्कशॉप में शामिल हुए, जिसमें तनाव-मुक्त परीक्षा की तैयारी और ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर फोकस किया गया।