झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके सात ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने सहयोगियों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके सात ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने सहयोगियों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। इसके अलावा, उन्होंने पीएम किसान योजना का भी उल्लेख किया, जो किसानों को हर साल छह हजार रुपये देती है। उन्हें लगता था कि इतने में जहर भी नहीं मिलेगा।
विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नई सरकार मजबूत पारी खेलेगी। आने वाले पांच साल में बलपूर्वक काम करेंगे। झारखंड एक 25 वर्षीय राज्य है। बच्चा एक बार में 25 वर्ष का नहीं होता।
राज्य ने 25 वर्ष की दूरी तय की। जिस पर राज्य का नियंत्रण था, उसने 2000 की एक काली रात को इसे चुराकर पाले में करने की कोशिश की।
झारखंड के साथ सौतेला संबंध
आज हम इस राज्य को मार्गदर्शन देने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। लोग हम पर विश्वास करते हैं। हमें बार-बार बताया जाता है कि अगर डबल इंजन सरकार नहीं होगी तो झारखंड को सौतेला व्यवहार किया जाएगा। 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है। अखबारों में केंद्र कभी हां तो कभी नहीं कहता है। इसके बदले में बहुत कम रकम मिली है।
झारखंड दूसरे राज्यों को ऋण देगा
- हम दूसरे राज्यों को कर्ज देंगे अगर एकमुश्त 1.36 लाख करोड़ मिल जाएंगे, लेकिन ये लोग नहीं देंगे। ये नहीं चाहते कि झारखंड बढ़े।
- उन्हें अच्छा नहीं लगता कि दलित व्यक्ति प्रधानमंत्री बनें। इन्हें हवाई जहाज में यात्रा करना अच्छा नहीं लगता। इनका लक्ष्य है कि अगर किसी ने उनका हाथ पकड़ा तो वे उसे काट देंगे।
- आदिवासी दलितों पर पेशाब डालते हैं समाचार पत्र ने बताया कि एक दलित युवा का हाथ बुलेट पर जा रहा था। क्या तमाशा हो रहा है?
- मनरेगा लोगों को सहायता देता है। आज भी 1200 करोड़ रुपये बकाया है। मनरेगा को सारा रिवाल्विंग फंड मिल गया। स्वच्छ पानी का बकाया छह हजार करोड़ से अधिक है। कैसे समय पर पूरा करेंगे और फिर कहते हैं कि आपने डूबा दिया और पैसा खर्च नहीं किया?
भाजपा ने आस्था को कमजोर किया
- भाजपा पर हमला करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष ने आस्था को कमजोर नस के रूप में पकड़ा है। हाल ही में कुंभ स्नान का मेला हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष भी गए। मलोगों ने भी सोचा कि जाना चाहिए था। वहां की स्थिति ने उन्हें साहस नहीं दिया।
- हमारे विपक्ष ने इस मुद्दे को एक आर्थिक माडल बनाने की कोशिश की जो देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था में क्या हुआ?
- आज, देश की अर्थव्यवस्था IMF में है। सिर के बल खड़ा है, पैर पर नहीं। ये धीरे-धीरे बदतर हो रहा है। ये हर गुनाह को स्वीकार नहीं करते, न पश्चाताप करते हैं, न सुधारने की कोशिश करते हैं।
तनाव पैदा करने वाले लोग कहाँ से आते हैं?
- हेमंत सोरेन ने सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में जातीय वर्गीकरण शांति नहीं होगी। यह नीति है कि उन्हें विभाजित कर राज करो।
- हमने सुना था कि मुहर्रम और रामनवमी पर धार्मिक तनाव होता है। इसे अब होली में भी कराया जाता है। क्रिकेट भी तनाव पैदा करता है।
- ये व्यक्ति कौन हैं और उनका मूल स्थान क्या है? वर्गीकरण देश में नहीं होता तो शायद आज हम सभी हिंदुस्तानी होते। CM ने कहा कि हम बहुत पॉजिटिव राजनीति करते हैं।
- नकारात्मक बातें शक्तिशाली लगती हैं। जितनी मेहनत मैं निगेटिव कार्यों में लगाऊंगा, उतना बेहतर परिणाम मिलेगा। यही कारण है कि हम पूर्व की अपेक्षा सत्ता में आए। इस विचार को आगे भी लागू करेंगे।
राज्य को भाजपा ने भटका दिया
हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष राज्य में लंबे कार्यकाल का कारण है। ये रास्ता नहीं दे पाए और राज्य को भटका दिया। उन्हें खुद भी भटकना पड़ा और राज्य को दलदल में डाल दिया। इसलिए इनकी संख्या लगातार घट रही है।
हम लोगों ने मुख्यमंत्री मंईयां योजना से 57 से 58 लाख महिलाओं को सम्मान राशि दी। यह कुछ छोटा नहीं है। यह सिर्फ एक झूठ नहीं है; यह कुछ है।
आज महिलाओं के चेहरे मुस्कुरा रहे हैं। आज वह इस राशि से बहुत कुछ सोच रही हैं। आज वह क्या सपने देख रही है? वह अपने बच्चों को वैज्ञानिक, डॉक्टर या वकील बनाना चाहती है।
ये सिर्फ शुरुआत है। अब साल-डेढ़ साल के बाद इस योजना का प्रभाव देश भर में देखा जाएगा। यही कारण है कि जब विपक्ष चुनाव में आता है, मंइयां सम्मान की बात करता है, लेकिन उन्हें देने की कोशिश नहीं करता।
दिल्ली में चुनाव आयोग पर दबाव डाला
दिल्ली चुनाव में विपक्ष कैसे सत्ता में आया, चुनाव आयोग को कैसे धोखा दिया और सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं?
वहां भी सम्मान के नाम पर मंईयां गोलमोल चल रहा है। हमसे पहले चुनाव हुए कई राज्यों ने यह योजना शुरू नहीं की। योजना पर सालाना 13 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सामान्य नहीं है।
बगैर पेंशन के खोजने पर भी कोई नहीं मिलेगा
- हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले दो व्हील पर चलती थी, लेकिन अब फोर व्हील पर चलेगी। गांववासी भी राज्य को बढ़ा देंगे। इसे आगे बढाने में राज्य के आम लोगों का योगदान होगा। लंबी श्रृंखला सर्वजन पेंशन के लिए जारी रही।
- गांव में दो-चार लोगों को पेंशन मिलता था। पेंशन के लिए दलालों के जाल में फंसकर लोगों ने जमापूंजी लूटी। हमने कानून बनाया कि गांव-देहात में बिना पेंशन के कोई ढ़िबरी नहीं दिखेगा।
- पेंशन के लिए महिलाओं की उम्र भी पाँच दशक बढ़ा दी गई। हमारे प्रतिद्वंद्वी ने राज्य को ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया कि लोग भूख से मर रहे थे। किसानों ने आत्महत्या भी की है, जैसा कि हमने देखा है।
- लोगों को लगता है कि हम सिर्फ बैंक के लिए वोट दिया। जिस तरह से भारत सरकार ने नीतियां बनाई हैं, ये वोट बैंक नहीं हैं, इसलिए आर्थिक असमानता बहुत बढ़ने वाली है।
लोगों की गाढ़ी कमाई से पैसे कमाने वाले बैंक
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बैंकों की नीतियों को बदल दिया। उसने कहा कि बहुत चतुराई से धन उगाही का एक नया और अनोखा तरीका चुना। आरबीआई एटीम से धन निकालने पर चार्ज लेगा। यदि आप अपने अकाउंट बैंलेंस को जानना चाहते हैं तो इसके लिए भी पैसा खर्च होगा।
- SBI का ATM दूसरे बैंक से पैसे निकालने पर भी पैसा कटेगा। मिनिमम बैलेंस निर्धारित किया और अगर वह इससे नीचे रहा तो उस पर भी चार्ज किया। ऐसी बुद्धिमानी से जेब काटते हैं। आरबीआई ने इससे साढ़े आठ हजार करोड़ का लाभ उठाया।
- नौजवान इससे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। वे सौ से दो सौ निकालते हैं। उसकी लागत का अनुमान लगाइए? महंगाई बढ़ती जा रही है। आपका पैसा कहां से निकाल रहे हैं पता ही नहीं चलेगा। धीरे-धीरे आपके खाता में पैसे नहीं बचेंगे।
एमएसएमई के लिए अलग निदेशालय ने किसानों के लोन को माफ कर दिया
- हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई निदेशालय बनाएगी। सरकार सड़क को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने चार लाख किसानों को दो लाख रुपये तक का लोन माफ किया।
- किसानों ने डेढ़ लाख एकड़ में फलदार पेड़ लगाए हैं। खेती के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। बड़े नहरों की स्थिति सफेद हाथी की तरह है। पैसे खर्च होते हैं, लेकिन एक बूंद पानी भी नहीं मिलता। लिफ्ट और पाइपलाइन पानी देंगे।
- 2257 करोड़ रुपये की मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना पशुपालन क्षेत्र में लागू होती है।
- तालाब बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। चाय बागान था। इसे प्रोत्साहित करेंगे। धान खरीदने से लाह, तसर, करंज, इमली की वृद्धि और मूल्य भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सलेंस से महत्वपूर्ण बदलाव
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शिक्षा में एक बड़ा कदम है। अभी 9 हजार सीटें हैं।
- 35 हजार बच्चों ने सरकारी स्कूलों में नामांकन के लिए परीक्षा में भाग लिया। इन स्कूलों से बच्चे आने वाले समय में आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेंगे।
- 12वीं क्लास पास करने वाले विद्यार्थियों को क्रमश: तीन लाख रुपये, दो लाख रुपये, एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता, लैपटॉप और मोबाइल भी मिलेंगे ताकि वे अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ने से बच सकें। ट्राइबल यूनिवर्सिटी बहुत जल्द शुरू होगी।
- जमशेदपुर में एक इमारत दी गई है। नेतरहाट की तरह दुमका, चाईबासा और बोकारो में स्कूल बनाए जाएंगे। नया विश्वविद्यालय साहिबगंज, जमशेदपुर और गुमला में बनेगा।
- तकनीकी विश्वविद्यालयों और स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन की शुरुआत होगी। विधि कालेज भी बनाएंगे। सात हजार करोड़ का बजट उपबंध किया गया है और आने वाले पांच साल में नया रिम्स देखेंगे।
हर अस्पताल में हेलीपैड होंगे
- स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार रिम्स की तरह एक नया मेडिकल कॉलेज शुरू करेगी।
- राज्य में एयर एंबुलेंस प्रणाली से हजारों लोगों ने फायदा उठाया है। हेलीकाप्टर एंबुलेंस को और अधिक विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए मैपिंग कार्य चल रहा है।
- किसी को, कितना भी गरीब हो, सरकार अपने खर्च से अस्पताल में भर्ती करेगी। हर अस्पताल में हेलीपैड उपलब्ध होंगे।
- बिजनेसमैन अपने घर पर हेलीपैड बनाते हैं, लेकिन देश के किसी भी अस्पताल में ऐसा नहीं है। झारखंड देश में अस्पतालों में हेलीपैड बनाने वाला पहला राज्य होगा।
झारखंड अपने पैरों पर खड़ा होगा
हेमंत सोरेन ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि योजनाओं को लेकर राज्य के साथ सौतेला व्यवहार होता है। हम खड़े होना चाहते हैं।
हम लोग संसाधन बना रहे हैं। राजस्व संग्रह बढ़ रहा है। पिछले वर्ष राज्य का राजस्व 42 हजार करोड़ था। इस वर्ष 60 हजार करोड़ का संग्रह लक्ष्य है।
PM सम्मान निधि के बारे में प्रश्न
भाजपा ने व्यापारी दोस्तों को 16 लाख करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी। PM किसान योजना में किसानों को छह हजार रुपये की सम्मान राशि मिलती है, यानी प्रतिदिन १५-१६ रुपये प्रति व्यक्ति। इतना भी जहर नहीं होगा। 2014 से 2024 तक कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, महंगाई का उल्लेख करते हुए कहा।
आज दाल 135 रुपये प्रति किलो मिलता है, जबकि पहले 70 रुपये प्रति किलो मिलता था। आज सरसों तेल 90 रुपये प्रति लीटर है, जबकि पहले 170 रुपये प्रति लीटर था। किलो नमक ३० रुपये हो गया। 25 रुपये का चावल 45 रुपये प्रति किलो मिलता है।
2014 में रुपये का मूल्य 60-65 था, लेकिन आज 90-95 है, यह बहुत खराब है। नोटबंदी ने देश का शासन चौपट कर दिया। देश भर में 150 करोड़ लोगों पर इतना टैक्स लगाया गया है कि आम लोगों की चमड़ी निकल गई है।
लोगों की हालत खराब है। लॉजिक नहीं मैजिक देश को चलाता है। हम बुद्धि-विवेक के स्थान पर मोक्ष प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। कभी-कभी मुझे नहीं लगता कि मैं देश को देख रहा हूँ।
For more news: Jharkahnd

गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर श्रद्धा का सैलाब: संत समाज ने की CM मान के प्रबंधों की सराहना, साल भर चलेंगे कार्यक्रम
पंजाब के 65 लाख परिवारों को ₹10 लाख का सुरक्षा कवच, कुलदीप धालीवाल ने गिनाईं योजना की सफलताएं
पंजाब शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार ने राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाया, 17.5 लाख से ज़्यादा माता-पिता राज्यव्यापी वर्कशॉप में शामिल हुए, जिसमें तनाव-मुक्त परीक्षा की तैयारी और ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर फोकस किया गया।
मजदूर सुलखन सिंह के लिए संजीवनी बना हेल्थ कार्ड, बिना एक रुपया खर्च किए हुआ 3 लाख रुपए का इलाज: धालीवाल !